प्रशासन की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक,अवैध व्यावसायिक उपयोग पर शिकंजा

लीज निरस्ती की चेतावनी से हड़कंप,हाउसिंग बोर्ड की सख्त कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों में अफरा-तफरी, संभाग में प्रशासन के इस कदम की चौतरफा सराहना


Junaid khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ प्रशासन एवं हाउसिंग बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी व ऐतिहासिक कार्रवाई की शुरुआत की है। हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में वर्षों से चल रहे नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों ने सीधा सर्जिकल स्ट्राइक किया है, जिससे अवैध रूप से आवासीय परिसरों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले भू-माफियाओं और बेपरवाह संपत्ति मालिकों की नींद पूरी तरह उड़ चुकी है। आवासीय भवनों में नियमों को ताक पर रखकर दुकान, क्लीनिक, कोचिंग संस्थान व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों को चिह्नित करते हुए बोर्ड द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तय सीमा में जवाब तलब किया गया है। शासन-प्रशासन के इस कड़े कदम और पारदर्शी कार्यप्रणाली से जहां एक ओर आम नागरिकों और कानून का पालन करने वाले लोगों में खुशी का माहौल है, वहीं नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर लीज निरस्ती की तलवार लटक गई है। प्रशासन द्वारा चलाए गए इस विशेष सर्वे अभियान के तहत आधा सैकड़ा से अधिक ऐसे आवासों को रंगे हाथों चिह्नित किया गया है, जिनका धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। नोटिस हाथ में आते ही अवैध कारोबारियों और संबंधित मकान मालिकों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया है और वे अपनी गिल्ट छुपाने के लिए हाउसिंग बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हो गए हैं। हालांकि वर्षों से आवासीय क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले अब अचानक कार्रवाई से घबराकर शमन शुल्क व नियमतीकरण का बहाना खोज रहे हैं, लेकिन शासन और हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों का रुख पूरी तरह साफ और कड़ा है। जिम्मेदार अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समय रहते सन्तोषजनक और वैधानिक जवाब नहीं मिला, तो सीधे लीज निरस्त कर संपत्ति जब्त करने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हाउसिंग बोर्ड एवं स्थानीय प्रशासन की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है। शहडोल संभाग में अधिकारियों की यह दबंग व सख्त कार्रवाई न केवल जिले में बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एक मिसाल के रूप में देखी जा रही है। इस मामले पर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए हाउसिंग बोर्ड शहडोल के संभागीय संपदा अधिकारी आर.पी. वर्मा ने बेहद कड़े शब्दों में संदेश दिया है। सर्वे में आधा सैकड़ा ऐसे आवास मिले हैं, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी कर 25 अक्टूबर तक जवाब-तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लीज निरस्त करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी। शहडोल ही नहीं, संपूर्ण प्रदेश में यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

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