एसपी संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशों का असर, सोहागपुर NH-43 पर यातायात पुलिस ने कसा शिकंजा
Junaid khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन और गृह विभाग की मंशा के अनुरूप जिले में कानून-व्यवस्था तथा यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल द्वारा अपराध नियंत्रण और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में ली गई समीक्षा बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों का अब धरातल पर व्यापक असर दिखने लगा है। एसपी के कड़े रुख और दिए गए मार्गदर्शन का ही नतीजा है कि जिले भर में बेपरवाह और बेलगाम वाहन चालकों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में थाना सोहागपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) पर यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ चालानी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी और जनहित में उठाए गए इस कदम की आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान विशेष रूप से इंटरसेप्टर वाहन की मदद से तेज गति से दौड़ती गाड़ियों की मॉनिटरिंग की गई। इसमें निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार यानी ओवरस्पीडिंग में पाए गए 03 वाहनों को रंगे हाथों पकड़कर उनके खिलाफ दंडात्मक चालानी कार्रवाई की गई और ₹7,000/- का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा यातायात सुरक्षा को दरकिनार कर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे 06 चालकों तथा बिना सीट बेल्ट गाड़ी दौड़ा रहे 03 चार पहिया वाहन चालकों पर भी विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की गई। सड़कों को सुरक्षित बनाने और आम नागरिकों की जानमाल की रक्षा के लिए की गई इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अमित विश्वकर्मा, सब इंस्पेक्टर अमोस रावलकर, प्रधान आरक्षक अरशद खान, प्रधान आरक्षक गया प्रसाद एवं प्रधान आरक्षक मतीन खान की बेहद सराहनीय और तत्पर भूमिका रही। पुलिस बल के इस निष्ठावान कार्यप्रणाली से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है। सड़क हादसों में लगातार होती वृद्धि को रोकने के लिए जहां एक ओर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर कुछ गैर-जिम्मेदार चालक नियमों की धज्जियां उड़ाकर दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डालते हैं। ऐसे में पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों पर पुलिस टीम द्वारा की जा रही यह निरंतर कार्रवाई उन लापरवाह और बेपरवाह चालकों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो हाईवे को रेसिंग ट्रैक समझ लेते हैं। इस पूरे मामले में जहां कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों और पुलिस जवानों का कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है, वहीं उन गैर-जिम्मेदार वाहन चालकों की हरकतें सीधे तौर पर जनसुरक्षा के खिलाफ हैं जो बार-बार चेतावनी के बावजूद हेलमेट, सीट बेल्ट और स्पीड लिमिट जैसे बुनियादी नियमों की अनदेखी करते हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की यह सख्ती यह साफ संदेश देती है कि शहडोल की सड़कों पर कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

