अस्पताल गए असहाय चाय वाले के सूने मकान का ताला तोड़कर जेवरात व नकद पार, संदिग्धों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
Junaid khan - शहडोल। नगर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 19 घरौला मोहल्ला में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अपराधमुक्त समाज और सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बेखौफ चोरों ने एक असहाय और गरीब चाय विक्रेता के बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली है। घटना उस वक्त की है जब पीड़ित चाय विक्रेता अपने घर में अचानक फिसलकर गिर जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिर में आई गंभीर चोट और बहते खून की हालत में उसकी पत्नी और बेटी 108 एंबुलेंस की मदद से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल शहडोल ले गए थे। पीड़ित परिवार जब घर में ताला लगाकर अस्पताल में अपने मुखिया की जिंदगी बचाने में जुटा था, उसी दौरान बेखौफ अपराधियों ने सूनेपन का फायदा उठाते हुए घर का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण और नकदी सहित कुल 50,000 रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित परिवार 10 अक्टूबर की दोपहर करीब 2:00 बजे अपने घर में ताला बंद कर अस्पताल रवाना हुआ था। अगले दिन 11 अक्टूबर की सुबह जब वे अस्पताल से लौटकर वापस आए, तो मुख्य दरवाजे का ताला गायब था और अंदर वाले कमरे का टीन का दरवाजा नीचे से ऊपर की ओर मुड़ा हुआ मिला। कमरे के भीतर का दृश्य बेहद भयावह था; अलमारी का लॉकर टूटा हुआ था, कपड़े व बिस्तर इधर-उधर बिखरे पड़े थे। चोर अलमारी में रखे सोने के कान की झुमकी, बाली, मंगलसूत्र के लॉकेट, चांदी की करधन, पायल और नकद राशि समेटकर रफूचक्कर हो चुके थे। पीड़ित पक्ष का स्पष्ट कहना है कि जब वे घायल हालत में अपने परिजन को अस्पताल ले जा रहे थे, तब मोहल्ले का ही एक आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का युवक घर के पास खड़ा होकर पूरे परिवार को जाते हुए देख रहा था। पीड़िता ने सीधे तौर पर संबंधित संदिग्ध युवक पर ही चोरी की आशंका जताई है।
पुलिस की जांच व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
दिनदहाड़े और रात के अंधेरे में लगातार घट रही इस तरह की वारदातों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त और सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। पीड़ित परिवार द्वारा कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद अब पूरी गेंद पुलिस और संबंधित जांच अधिकारियों के पाले में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब देखना यह होगा कि थाना प्रभारी और जांच अधिकारी इस पूरे मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ कर पीड़ित का चोरी हुआ माल बरामद करवा पाते हैं या नहीं। नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे आदतन अपराधियों और संदिग्ध तत्वों पर समय रहते नकेल नहीं कसी गई, तो शहर में आम नागरिकों का रहना दूभर हो जाएगा। क्षेत्र के लोग अब प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और इस मामले में दोषी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
