छात्रों के हित में 5 सूत्रीय मांगो को लेकर दिया धरना
Junaid Khan - शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा हाल ही में घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) शहडोल ने जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों के हित में पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं। NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने विश्वविद्यालय परिसर शहडोल में धरना प्रदर्शन कर कुलपति से परीक्षा परिणाम में सुधार करने एवं विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने की मांग की है। NSUI का कहना है कि परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुलपति छात्रों के आक्रोश से डर कर विश्वविद्यालय परिसर से भाग खड़े हुए। NSUI की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं। 1.परीक्षा परिणाम में सुधार कर संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाए जाने के मामले में आवश्यक सुधार कर विद्यार्थियों का संशोधित एवं सही परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी किया जाए। 2.वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को पद से हटाया जाए।
परीक्षा परिणाम में सामने आई गंभीर अनियमितताओं एवं विद्यार्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाकर निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 3.सप्लीमेंट्री/पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरक परीक्षा का निर्धारित आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए, ताकि सभी विद्यार्थी आसानी से परीक्षा में शामिल हो सकें। 4.विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के उत्तरपुस्तिका दिखाई जाए।
जिन विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम पर संदेह है अथवा जो अपनी उत्तरपुस्तिका देखना चाहते हैं, उन्हें बिना किसी शुल्क के उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। 5.रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की सुविधा निःशुल्क की जाए।
परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की प्रक्रिया निःशुल्क की जाए। NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर उन्हें न्याय दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि NSUI छात्र-छात्राओं के हितों के लिए लगातार संघर्षरत है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उपरोक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो NSUI छात्रों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगामी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी,जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी,विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता,सोशल मीडिया महासचिव आशु सिंह, महेंद्र यादव,हर्षित सिंह बघेल, अजय बैग,अर्पित सेन,योगेश साहू,क्रितेंद्र सिंह,ओम साहू, शिवम तिवारी,सुमित सिंगर, दीपक साहू, शुभांक पांडे,गुलशन पडवार,चंदन कुशवाहा,साहिल कुशवाहा,सुमित तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
