शहडोल के न्यायालय में सेवा देते हुए की तैयारी, मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

12वें प्रयास में सिविल जज बने सत्यम पांडेय-अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने दी बधाई 


Junaid Khan - शहडोल। कहते हैं—हार मानने वाला ही हारता है, और इस बात को सही साबित किया है शहडोल जिला न्यायालय में जिला लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर कार्यरत सत्यम पांडेय ने। निरंतर संघर्ष, अनुशासन और 12 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2022 में शानदार 31वीं रैंक हासिल कर सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर चयन प्राप्त किया है। 28 वर्षीय सत्यम पांडेय मूल रूप से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के निवासी हैं। शिक्षा भी उन्होंने बिलासपुर और रायपुर में प्राप्त की। पिछले वर्ष ही 2024 में उनका चयन सहायक लोक अभियोजन अधिकारी (APO) के रूप में हुआ था। लेकिन उनका असली लक्ष्य जज बनना था, जिसे उन्होंने अब साकार कर दिखाया।

परिवार से मिला प्रेरणा स्रोत, 12 वर्षों तक न छोड़ा लक्ष्य

सत्यम का परिवार न्यायिक कार्यों से जुड़ा रहा है। उनके पिता सरकारी अधिवक्ता हैं और दादा भी अधिवक्ता थे। परिवार में कानून का वातावरण होने से सत्यम के मन में भी विधि के प्रति स्वाभाविक रुचि बनी।

उन्होंने बताया कि। विधि की पढ़ाई के दौरान ही तय कर लिया था कि जज बनना है। दादा और पिता हमेशा प्रेरित करते थे। वकालत करो, लेकिन मन में जज बनने की चाह जरूर रखो’। वही प्रेरणा मेरे भीतर ऊर्जा बनकर हमेशा काम करती रही। इसी लक्ष्य के चलते उन्होंने छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और मध्य प्रदेश की न्यायिक सेवा परीक्षाओं में लगातार 12 बार बैठकर तैयारी जारी रखी, और अंततः सफलता प्राप्त की।

नौकरी के साथ 08 घंटे गहन अध्ययन, लाइब्रेरी में देर रात तक तैयारी 

शहडोल में कार्यरत रहते हुए भी सत्यम ने अनुशासन के साथ पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने बताया कि अपनी ड्यूटी निभाने के बाद भी प्रतिदिन आठ घंटे अध्ययन करते थे। एक निजी लाइब्रेरी में रात 11 बजे तक पढ़ाई। ऑनलाइन स्रोतों यूट्यूब व गूगल का उपयोग। लेकिन सबसे अधिक भरोसा ऑफलाइन लाइब्रेरी पर वे कहते है। युवाओं को लाइब्रेरी से जुड़ना चाहिए। वहां मिलने वाला माहौल और एकाग्रता सफलता की कुंजी है। सत्यम ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, माता-पिता, दादा के आशीर्वाद और निरंतर सहयोग को दिया। युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश सत्यम कहते हैं। किसी परीक्षा में असफल होने पर हताश न हों। खुद पर विश्वास रखें और नियमित मेहनत करें,और सबसे ज़रूरी,अच्छा व्यक्तित्व और अनुशासित दिनचर्या सफलता की नींव है।

अधिवक्ता संघ ने दी बधाई 

सत्यम पांडेय की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल एवं अन्य अधिवक्ताओं ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी।

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