तीन माह तक चले इलाज के बाद पैरों पर उठ खड़ा हुआ किशोर

तीन माह तक चले इलाज के बाद पैरों पर उठ खड़ा हुआ किशोर 


Junaid khan - शहडोल। शासकीय जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों ने एक ऐसे किशोर की जान बचाई, जिसे यहीं के मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद बाहर के लिए रेफर कर दिया गया था। आंतों एवं पेट में इंफेक्शन के बाद पेट दर्द से परेशान जिला उमरिया के मालाचुआ निवासी 16 वर्षीय कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक सिंह पिता बालकराम को अप्रैल महीने में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। ऑपेरशन के बाद यहां उसकी हालत और बिगड़ने लगी। करीब साढ़े तीन माह तक भर्ती रहे किशोर का वजन घटकर 22 किलो रह गया, पीलिया 8.5 हो गया। लगातार लेटे रहने से बेड सोल तक हो गया। सुधार न होने पर बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। बेटे के इलाज में 2-3 लाख खर्च कर चुके किशोर के पिता ने जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. राजा शीतलानी से मुलाकात कर समस्या बताई। बच्चे को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर डॉ. शीतलानी ने उपचार शुरु किया। उन्होंने पहले पीलिया कम कर इंफेक्शन कम करने का इलाज शुरु किया। कुछ ठीक होने के बाद वजन बढ़ाने कुछ दिन के लिए छुट्टी देकर दवाईयां दी। बजन 27 किलो होने के बाद फिर भर्ती किया गया। ऑपरेशन फिर भी रिस्की था, लेकिन किशोर की हालत व परिजनों की चिंता को देखते हुए ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन में डॉ. शीतलानी के साथ एनीस्थिीसिया विशेषज्ञ डॉ. मनोज जायसवाल एवं सर्जिकल वार्ड के स्टॉफ ने सहयोग किया। मरीज के ठीक हो जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने व स्कूल जाना शुरु करने के बाद आज रविवार को अभिषेक अपने पिता के साथ यहां पहुंचा और डॉक्टर का आभार जताया।

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