गरीब आदिवासी परिवारों से जबरन बिजली वसूली, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
Junaid khan - शहडोल। ग्राम जुगवारी के ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के तीन लाइनमैनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की तरफ से गरीब एवं आदिवासी परिवारों के बिजली बिल माफ किए जाने के बावजूद उनसे जबरन राशि वसूली गई और बिल जमा न करने पर लाइन काटने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 से बिजली बिल आना बंद हो गया था, जिससे उन्हें जानकारी मिली कि शासन स्तर से गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ किए गए हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने बिल जमा नहीं किया। लेकिन जनवरी 2025 में दो लाइनमैन बिल की सूची लेकर गांव पहुंचे और बिल जमा न करने पर लाइन काट दी। बाद में ग्रामीणों से राशि जमा कराकर लाइन चालू की गई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2025 में 12 ग्रामीणों से कुल 49,600 रुपए की वसूली की गई थी, जबकि यह राशि विद्युत विभाग में जमा ही नहीं किया गया। बाद में जनवरी 2026 में फिर से पुराने बकाया को जोड़कर नया बिल थमाया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि वसूली गई राशि वापस कराई जाए या बिल में समायोजित की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
