सोशल मीडिया पर बंदूक लहराते वीडियो: कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती,युवाओं के लिए खतरनाक संदेश

सोशल मीडिया पर बंदूक लहराते वीडियो: कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती,युवाओं के लिए खतरनाक संदेश




Junaid khan - शहडोल। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ऐसे वीडियो, जिनमें कोई युवक खुलेआम बंदूक लोड करता या हथियार लहराता दिखाई दे, महज़ एक व्यक्ति की सनक नहीं माने जा सकते। यह घटनाएं सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के साथ-साथ समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं। भले ही वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि न हुई हो, लेकिन उसका असर पूरी तरह वास्तविक और खतरनाक है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका प्रभाव किस पर पड़ेगा? विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे वीडियो युवा पीढ़ी को यह गलत संदेश देते हैं कि हथियार, रौब और डर ही ताकत का प्रतीक हैं। अपराध को ग्लैमराइज़ किया जा रहा है, जहां कानून का डर कम और “वायरल होने” का नशा ज्यादा दिखाई देता है। पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल जब इस तरह के वीडियो खुलेआम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होते हैं, तो जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना लाज़मी है। क्या साइबर सेल इन वीडियो की गंभीरता से ट्रैकिंग कर रही है? क्या वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान और लोकेशन चिन्हित की जा रही है? क्या आर्म्स एक्ट, आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत ठोस कार्रवाई की जाएगी, या फिर मामला हमेशा की तरह “जांच जारी है” तक ही सिमट जाएगा? सिर्फ वीडियो नहीं, सोच ज्यादा खतरनाक असल खतरा सिर्फ बंदूक नहीं, बल्कि वह मानसिकता है जो कैमरे के सामने हथियार दिखाने को शान और ताकत समझती है। यदि आज ऐसे मामलों पर सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो कल कोई इससे एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश करेगा और तब नुकसान अपूरणीय हो सकता है। अब गेंद प्रशासन के पाले में अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को हल्के में लेता है या फिर इसे नज़ीर बनाकर सख्त संदेश देता है। क्या साइबर सेल सिर्फ निगरानी तक सीमित रहेगी या ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने आएगी? क्योंकि सवाल सिर्फ एक वीडियो का नहीं है। यह सवाल है कानून की साख का, युवाओं के भविष्य का और समाज की सुरक्षा का।

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