बोर्ड एग्जाम स्पेशल रटने की नहीं,ध्यान लगाने की बारी योग से करें परीक्षा की पूरी तैयारी - योगाचार्य शिवाकान्त शुक्ला
Junaid khan - शहडोल। जैसे-जैसे परीक्षा के दिन नजदीक आते हैं, विद्यार्थियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें और मन में घबराहट बढ़ने लगती है। घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई करना और सिलेबस पूरा करने का दबाव न केवल याददाश्त पर असर डालता है, बल्कि एकाग्रता को भी कम कर देता है। ऐसे में योगाचार्य शिवाकान्त शुक्ला ने विद्यार्थियों के लिए योग का ऐसा सरल और प्रभावी अभ्यास बताया है, जो विद्यार्थियों को परीक्षा की इस चुनौती के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार कर सकता है। योग के मुख्य लाभ: एकाग्रता (Concentration) में वृद्धि: 'भ्रामरी प्राणायाम' और 'त्राटक' जैसे अभ्यास मस्तिष्क को शांत करते हैं, जिससे पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। तनाव और चिंता से मुक्ति: ' नाड़ी शोधन' प्राणायाम शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) कम होता है और मन प्रसन्न रहता है। शारीरिक ऊर्जा: घंटों बैठने से होने वाले पीठ और गर्दन के दर्द से 'ताड़ासन' और 'मार्जारी आसन' राहत दिलाते हैं। बेहतर नींद: परीक्षा के डर से अक्सर नींद गायब हो जाती है। रात को सोने से पहले 5 मिनट 'शवासन' करने से गहरी नींद आती है, जिससे अगले दिन दिमाग अधिक सक्रिय रहता है। योग विशेषज्ञ योगाचार्य शिवाकान्त शुक्ला के अनुसार, विद्यार्थियों को दिन भर में कम से कम 15-20 मिनट योग के लिए निकालने ही चाहिए। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मस्तिष्क की 'चार्जिंग' है। जो उनके विद्यार्थियों के परफॉर्मेंस को बढ़ाता है। विद्यार्थियों के लिए उपयोगी टिप्स: सुबह खाली पेट योग का अभ्यास सबसे लाभकारी है। पढ़ाई के बीच-बीच में गहरी सांस लेने की प्रक्रिया (Deep Breathing) दोहराएं।
योग के साथ-साथ संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करें। निष्कर्ष: परीक्षा में सफलता केवल किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि शांत और केंद्रित मन से भी मिलती है। तो इस परीक्षा सत्र में योग को अपना साथी बनाएं और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरें।
