तो क्या मंगल के राज में श्रेयांश की चांदी महाविद्यालय बना आउट सोर्स कर्मचारी का अवैध वसूली अड्डा

काजल के बाद भारती यादव ने भी लगाया आरोप 


Junaid khan - शहडोल। गलती यदि एक बार हो तो उसे बर्दाश्त किया जा सकता है लेकिन गलती यदि आदत बन जाए फिर वह गलती नहीं बल्कि व्यक्ति का पेश बन जाती है। ठीक कुछ इसी प्रकार इन दोनों महाविद्यालय गोहपारु का प्रबंधन इन दोनों विद्यार्थियों से आउटसोर्स कर्मचारी के साथ मिलकर अवैध वसूली का गोरख धंधा कर रहे हैं। जो न सिर्फ कानूनी अपराध है बल्कि जो महाविद्यालय में अधूरा छात्र इन अवैध वसूली वाले भेड़ियों की मांग पूरी नहीं करता उनके भविष्य से भी यहां का प्रबंधन खेलने को तैयार रहता है। जिस पर आज भारती यादव बीएससी फाइनल ईयर महाविद्यालय गोहपारु की छात्रा ने महाविद्यालय प्रबंधन एवं वहां पर 10 लैब टेक्नीशियन श्रेयांश मिश्रा ( सचिन मिश्रा) के ऊपर परीक्षा परिणाम में त्रुटि सुधारने को लेकर पैसे की मांग करने का का एक नया आरोप लगाया गया। जिसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए। संबंधित छात्रा ने अपना वीडियो में बयान जारी किया है। आपको बता दे कि इसके पूर्व भी काजल गुप्ता से रिजल्ट सुधरवाने के नाम पर संबंधित लैब टेक्नीशियन के द्वारा अपने रिश्तेदार सुभाष द्विवेदी के खाते में ₹5000 की राशि दलवाई जाती है। जिसको लेकर बीते दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जिला इकाई के द्वारा महाविद्यालय गोहपारु में व्याप्त अनियमिताओं को लेकर ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। लेकिन अब तक संबंधित मामले में कार्यवाही नहीं हुई थी। इसके बाद आज फिर नया मामला सामने आया है। एक ही प्रकार के दो मामले इस बात की ओर संकेत करते हैं कि कहीं ना कहीं महाविद्यालय गोहपारू में जिस प्रकार अंधेर गरदी छाई हुई है। उससे स्पष्ट समझ में आता है कि कहीं ना कहीं संबंधित महाविद्यालय में भ्रष्टाचार तेजी से पनप रहा है। और मंगल के राज में श्रेयांश की चांदी है।

भविष्य प्रभावित होने के डर से नहीं करते शिकायत

बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा भारती यादव ने बताया कि परीक्षा परिणाम में छुट्टी की सुविधा रहे तो महाविद्यालय प्राचार्य मंगल सिंह को आवेदन किया गया था। प्राचार्य के कहने पर लैब टेक्नीशियन से संबंधित छात्र ने संपर्क किया और लैब टेक्नीशियन श्रेयांश मिश्रा के द्वारा पूर्व की भांति फिर से छात्रा से पैसे की मांग की गई। छात्रा ने बताया कि अध्ययन के दौरान उसने शिकायत इसलिए नहीं की क्योंकि उसे महाविद्यालय प्रबंधन से अपने भविष्य प्रभावित होने का डर था। ठीक इसी प्रकार ना जाने कितने ही और छात्र इन अवैध वसूली भाइयों के चंगुल में फंसकर अपने भविष्य को प्रभावित होने से बचने के लिए शिकायत नहीं कर पाते हैं। जो कि यह भी जांच का विषय है।

जांच जांच का खेल और लीपापोती

बीते दिनों काजल गुप्ता के द्वारा ₹5000 की राशि सुभाष द्विवेदी नामक व्यक्ति के खाते में आंतरित की गई जब मामला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तहत सोशल मीडिया पर सामने आया तो। सूत्रों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन के द्वारा संबंधित छात्रा के ऊपर दबाव बनाकर शादी कागज में परीक्षा फार्म भरवाने के लिए उसे रकम को व्यक्ति के खाते में डलवाने की बात कही गई। वही इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि यदि पैसे परीक्षा फार्म भरवाने के लिए लिए गए हैं तो वह परीक्षा फॉर्म कहां भरा गया है और किसके नाम से भरा गया है। क्योंकि महाविद्यालय की सभी शैक्षणिक कार्यों की राशि ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित होती है। इस सवाल का जवाब मांगने के लिए जब प्राचार्य से पूछा गया तो रिसिप्ट उपलब्ध न करने को लेकर प्राचार्य ने मामले से पाल्ला झाड़ कर लिया। 

इसी मामले की जांच करने के लिए महाविद्यालय प्रबंधन टीम गठित की गठित टीम ने जांच के नाम पर लीपा पोती कर दी है।

जन भागीदारी में गोलमाल

वही महाविद्यालय गोहपारू के प्राचार्य से जन भागीदारी मत से वित्तीयहरण के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि हमारी समिति में कोई अध्यक्ष नहीं है। महाविद्यालय का वित्तीय प्रभार किसी दूसरे के पास है। वहीं सूत्रों की माने तो संबंधित विद्यालय का वित्तीय प्रभार डॉ मुकेश तिवारी के पास है। जबकि नियम अनुसार यदि किसी महाविद्यालय में जनभागीदारी समिति का अध्यक्ष नहीं होता है तो तो उसे स्थिति में उस महाविद्यालय का डीडीओ पावर कलेक्टर के पास होता है। यानी देखा जाए तो सभी दिशाओं से महाविद्यालय में भारी अनियमिताएं व्याप्त हैं।

इनकी प्रतिक्रिया

हां प्रभार मेरे पास है। यह जो भी मामला है उसमें हमने जांच टीम गठित की है जांच करवा रहे हैं बाकी जितना आरोपी पैसे लेने वाला होता है उतना ही आरोपी पैसे देने वाला भी होता है। यह सब बेकार है वहां पर षड्यंत्र चल रहा है।

डॉ मुकेश तिवारी (वित्तीय प्रभारी) जन भागीदारी

खबर प्रकाशित करने के पूर्व लैब टेक्नीशियन भौतिक शास्त्र से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। 

श्रेयांश मिश्रा ( आउटसोर्स कर्मचारी) महाविद्यालय गोहपारू

संबंधित महाविद्यालय के प्रचार को फोन किया गया लेकिन उनके द्वारा भी फोन रिसीव नहीं किया गया।( समय 7:26pm) 14 फरवरी 2026 999 3305246 इस नंबर से 8319427342 इस नंबर पर।

मंगल सिंह प्राचार्य महाविद्यालय गोहपारु जिला शहडोल।

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