आदिवासी कन्या आश्रम प्रकरण: छात्राओं के आरोपों पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित,

अधीक्षिका सावित्री सिंह को किया पृथक


Junaid khan - शहडोल। जिले के आदिवासी कन्या आश्रम गोहपारू में रह रही CM Rise School की छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने मामले की निष्पक्ष एवं विधिवत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच पूरी होने तक छात्रावास अधीक्षिका सावित्री सिंह को उनके दायित्व से पृथक कर दिया गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार, अधीक्षिका सावित्री सिंह को जांच पूर्ण होने तक कार्यमुक्त रखा जाएगा। उनके स्थान पर बाबी सिंह, माध्यमिक शिक्षक, सांदीपनी उमावि गोहपारू को अपने नियमित कार्य के साथ-साथ आश्रम अधीक्षिका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा, विश्वास एवं शैक्षणिक वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 

बिना सूचना शहडोल पहुंचीं 18 छात्राएं, कलेक्ट्रेट में रखी आपबीती 

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को आदिवासी कन्या आश्रम गोहपारू में अध्ययनरत कक्षा 6वीं से 8वीं तक की 18 छात्राएं स्कूल व आश्रम प्रबंधन को बिना पूर्व सूचना दिए शहडोल पहुंच गई थीं। छात्राएं सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचीं और सहायक आयुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।नछात्राओं ने आश्रम अधीक्षिका एवं एक अन्य स्टाफ सदस्य पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना तथा आश्रम का कार्य जबरन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा स्वयं मौके पर पहुंचे और महिला स्टॉफ के माध्यम से छात्राओं की काउंसलिंग कराई। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की प्रारंभिक जानकारी लेकर तथ्यों का संकलन किया गया।

चार सदस्यीय जांच कमेटी करेगी विस्तृत पड़ताल

छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में निम्न अधिकारी शामिल हैं। बीईओ बुढ़ार डी.के. निगम प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर बुढ़ार वर्षा दुबे। प्राचार्य सांदीपनि उमावि बुढ़ार रेवा रानी पाण्डेय मण्डल संयोजक बुढ़ार संजय मिश्रा। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह छात्राओं, आश्रम स्टाफ, संबंधित शिक्षकों एवं अभिभावकों के बयान दर्ज कर समग्र रिपोर्ट तैयार करे। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दिए संवेदनशीलता और पारदर्शिता के संकेत जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आश्रम की व्यवस्थाओं की भी समानांतर समीक्षा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन आश्रमों और छात्रावासों की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि बालिकाओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

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