सुरक्षा के दावों की पोल खुली: एकलव्य हॉस्टल से 11वीं के दो छात्र रहस्यमयी ढंग से लापता

सुरक्षा के दावों की पोल खुली: एकलव्य हॉस्टल से 11वीं के दो छात्र रहस्यमयी ढंग से लापता


Junaid Khan - शहडोल। जिले के धुरवार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला शिक्षा या उपलब्धियों का नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी लापरवाही का है। कक्षा 11वीं के दो छात्र हॉस्टल से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि सुबह की उपस्थिति जांच के दौरान जब वार्डन अरुण कुमार ने दो छात्रों के बिस्तर खाली पाए, तो प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन इस घटना ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। जिस परिसर को “अभेद्य सुरक्षा” का दावा किया जाता रहा, वहीं से दो छात्रों का गायब होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। 

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना,फिर भी नहीं सुधरे हालात

यह पहली बार नहीं है जब इस छात्रावास से कोई छात्र या छात्रा लापता हुई हो। इससे पहले भी एक छात्रा के गायब होने का मामला सामने आ चुका है, जिसका आज तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। बार-बार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि या तो प्रबंधन पूरी तरह नाकाम है या फिर कहीं न कहीं गहरी लापरवाही या मिलीभगत मौजूद है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

ऊंची चारदीवारी, सीसीटीवी कैमरे, गार्डों की तैनाती और सख्त नियम इन सबके बावजूद अगर छात्र इस तरह गायब हो रहे हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। आखिर कैसे बंद गेट और पहरेदारी के बीच छात्र बाहर निकल गए? क्या सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे या फिर उनकी निगरानी ही नहीं हो रही थी?

परिजनों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग 

लापता छात्रों के परिजनों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और सुरक्षित माहौल के लिए इस विद्यालय में भेजते हैं, लेकिन यहां उनकी सुरक्षा ही दांव पर लगी हुई है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस जांच जारी, लेकिन भरोसा कम

पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है, लेकिन पिछली घटनाओं को देखते हुए लोगों का भरोसा प्रशासनिक कार्रवाई पर कम नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि यह मामला भी सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाता है या फिर जिम्मेदारों पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होती है। बड़ा सवाल। क्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र सुरक्षित हैं? या फिर यह संस्थान लापरवाही और अव्यवस्था का केंद्र बनता जा रहा है? इस घटना ने न सिर्फ स्कूल प्रबंधन, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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