नरवाई प्रबंधन में यंत्रों के उपयोग की कलेक्टर ने की किसानों से अपील
Junaid Khan - शहडोल। 15 मार्च 2026- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशानुसार जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को अनुदान पर हार्वेस्टर एवं अन्य कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनकी सहायता से गेहूं की कटाई के साथ-साथ नरवाई से भूसा भी तैयार किया जा रहा है। इस तकनीक के उपयोग से किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है तथा खेतों में नरवाई जलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। कृषि उप संचालक श्री अनुराग पटेल ने बताया कि इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि खेतों की उर्वरता भी बनी रहती है और किसानों को बेहतर नरवाई प्रबंधन का लाभ मिल रहा है नरवाई प्रबंधन में यंत्रों के उपयोग की कलेक्टर ने की अपील कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने किसानों से नरवाई प्रबंधन यंत्र अपनाने व नरवाई न जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि भूमि की उपजाऊ क्षमता बनाएं रखने हेतु खेतों में नरवाई नहीं जलाएं। सरकार किसानों को नरवाई प्रबंधन में उपयोग किये जाने वाले यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही हैं। जो किसान यंत्र नही खरीद सकते वो किराये पर लेकर उपयोग करें, इन यंत्र के उपयोग से उत्पादन भी अधिक होगा तथा लागत भी कम लगेगी। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि किसान कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करें और पर्यावरण का संरक्षण करें।
