निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठे सवाल,इलाज नहीं तो फीस क्यों?”आप नेता अनूप शर्मा का प्रशासन से सख्त कार्रवाई का आग्रह
Junaid Khan - शहडोल। जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आम आदमी पार्टी के शहडोल जोन प्रभारी अनूप शर्मा ने प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों से हो रही कथित मनमानी और आर्थिक शोषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी चिकित्सक मरीजों से पहले ही “फाइल बनाने” या प्रारंभिक जांच के नाम पर फीस वसूल लेते हैं, लेकिन बाद में इलाज करने से यह कहकर मना कर देते हैं कि मामला उनके दायरे में नहीं आता। अनूप शर्मा ने कहा कि यह न केवल मरीजों के साथ अन्याय है, बल्कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाने जैसा है। उन्होंने हाल ही में शहर के महाकौशल नेत्रालय का उदाहरण देते हुए बताया कि कई लोगों ने ऐसी ही शिकायत की है, जहां फीस लेने के बाद इलाज से मना कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब डॉक्टर पहले से ही यह जानते हैं कि मरीज का इलाज उनके बस में नहीं है, तो आखिर फीस लेने का क्या औचित्य है? और यदि इलाज नहीं किया जा रहा है, तो मरीजों को उनकी फीस वापस क्यों नहीं की जाती? आप नेता ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अस्पतालों व डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही और मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि आम जनता को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
