ट्रेन नेटवर्क में गांजा तस्करी का भंडाफोड़: 10 किलो से अधिक गांजा जब्त

वेंडर अटेंडर और सुपरवाइजर सहित दो आरोपी गिरफ्तार


Junaid Khan - शहडोल। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के जरिए नशे के अवैध कारोबार पर जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। बीती रात रेलवे स्टेशन में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 10.5 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपए आंकी गई है। जीआरपी प्रभारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेल सिम्मला प्रसाद के निर्देशन में की गई। अभियान के तहत स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान स्टेशन के अंतिम छोर पर दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे दिखाई दिए। पूछताछ के दौरान दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।

आरोपी निकले रेलवे से जुड़े कर्मचारी

जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी कोई मामूली तस्कर नहीं, बल्कि रेलवे व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी हैं। आरोपियों की पहचान मृणालकांत महतो (35 वर्ष), निवासी भुवनेश्वर (ओडिशा) जो ट्रेन में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, तथा दीपेश महतो, निवासी झारखंड, जो वेंडर अटेंडर है, के रूप में हुई है। दोनों अपनी वर्दी और पद की आड़ में लंबे समय से गांजा तस्करी में लिप्त बताए जा रहे हैं।

प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 बना तस्करी का सेफ कॉरिडोर 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने सड़क मार्ग पर सख्ती बढ़ने के बाद रेलवे नेटवर्क को अपना नया ठिकाना बना लिया था। विशेष रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 को तस्करी के लिए सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। दोनों आरोपी एक संदिग्ध बैग के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी जीआरपी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

बेडरोल की आड़ में हो रही थी तस्करी

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी बेडरोल और ट्रेन सेवा सामग्री की आड़ में गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि यह कोई छोटा मामला नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें रेलवे सेवाओं की आड़ लेकर नई पीढ़ी तक नशा पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस 

जीआरपी उप निरीक्षक आर.एम. झारिया ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई का संकेत 

इस कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है कि अब रेलवे नेटवर्क भी नशा तस्करों के निशाने पर है। हालांकि जीआरपी की मुस्तैदी ने इस बड़े खेल को उजागर कर दिया है। पुलिस अब पूरे गिरोह को पकड़ने और नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। यह मामला न केवल रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नशा तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। वहीं पुलिस की सतर्कता ने एक बड़ी घटना को समय रहते रोक दिया।

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