कोतमा में भीषण हादसा: तीन मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत, 3 घायल; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गहरा शोक, 9-9 लाख मुआवजे का ऐलान

कोतमा में भीषण हादसा: तीन मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत, 3 घायल; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गहरा शोक, 9-9 लाख मुआवजे का ऐलान 




Junaid Khan - शहडोल। 05 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में शनिवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां एक बहुमंजिला होटलनुमा इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रशासन, पुलिस और राहत टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस प्रशासन और एसईसीएल की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया, जिसमें आधुनिक मशीनों और डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई।

मलबे से 6 लोग निकाले गए, 3 की मौत 

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, मलबे से कुल 6 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से 3 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य 3 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में से कुछ को बेहतर उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव, रामकृपाल यादव और एक अन्य स्थानीय निवासी के रूप में हुई है।

कमजोर संरचना बनी हादसे की वजह 

अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत की संरचना काफी कमजोर थी, जिससे यह हादसा हुआ। मामले में धारा 304A और 290 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही होटल मालिक और पास में निर्माण कार्य करा रहे व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक, 

मुआवजे का ऐलान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों के लिए कुल 9-9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसमें मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4 लाख

संबल योजना से 4 लाख

रेडक्रॉस से 1 लाख रुपये शामिल हैं। वहीं घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख

रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है” और दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

ग्राउंड जीरो पर मंत्री, पूरी रात चला रेस्क्यू

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। रविवार दोपहर तक चला सघन रेस्क्यू ऑपरेशन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।

कमिश्नर शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता, कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों का जायजा लेते रहे।

निष्पक्ष जांच के आदेश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई 

प्रशासन ने इस पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आई लापरवाही को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। इलाके में शोक की लहर। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे कोतमा क्षेत्र में शोक की लहर है। अचानक हुई इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या भवन निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है?

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