तेज हवाओं से ठप हुई बिजली व्यवस्था,दो घंटे से ज्यादा ब्लैकआउट शहर-गांव अंधेरे में डूबे

तेज हवाओं से ठप हुई बिजली व्यवस्था,दो घंटे से ज्यादा ब्लैकआउट शहर-गांव अंधेरे में डूबे 


Junaid Khan - शहडोल। बीती रात मौसम में अचानक आए बदलाव और तेज हवाओं ने पूरे शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। करीब दो घंटे से अधिक समय तक रहे ब्लैकआउट के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे, वहीं कई इलाकों में दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। अचानक आई इस समस्या ने लोगों को गर्मी और उमस के बीच परेशानी में डाल दिया, जिससे नागरिकों में आक्रोश भी देखा गया। विद्युत विभाग के अनुसार रात लगभग 9 बजे नरसहा क्षेत्र के पास 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बड़ा फाल्ट आ गया, जिससे सप्लाई बाधित हो गई। इसके अलावा बुढार रोड बाइपास और सोहागपुर क्षेत्र में भी पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिरने से लाइन ट्रिप हो गई। इस दौरान एलटी लाइन के 2 से 3 खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे समस्या और गंभीर हो गई। शहर के कई मोहल्लों में पूरी तरह अंधेरा छा गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली गुल होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। करीब 11 बजे एक लाइन की सप्लाई बहाल की गई, जबकि 11.30 बजे तक शहर और ग्रामीण फीडरों में भी बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। इस दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अंधेरे के कारण छोटे व्यवसायों, दुकानों और घरों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ, वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हुई। अधिकारियों ने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से जल्द निपटा जा सके। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

बंधवापार में आया फाल्ट

गुरुवार की दोपहर ग्रामीण फीडर में फाल्ट आने पर एक से डेढ़ घंटे के लिए कल्याणपुर कोयलारी क्षेत्र सहित कुछ इलाकों में विद्युत आपूर्ति बंद रही है। कनिष्ठ अभियंता राजकुमार प्रजापति के अनुसार बंधवापार में अचानक फाल्ट आने के कारण सप्लाई में समस्या हुई थी। जानकारी मिलते ही तत्काल टीम को भेजकर सुधार कार्य कराया गया, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई।

20 कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

बिजली गुल होते ही विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर सक्रिय हो गए। करीब 20 से अधिक कर्मचारियों की टीम ने रात में ही मोर्चा संभालते हुए पहले फाल्ट ढूंढा और फिर युद्ध स्तर पर सुधार कार्य शुरू किया। कई मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। कर्मचारियों की तत्परता से बड़ी समस्या को कम समय में नियंत्रित किया जा सका।

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता 

नागरिकों से की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बिजली लाइनों और खंभों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दें। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आपातकालीन टीमों को और अधिक सक्रिय रखा जाएगा। बीती रात मौसम परिवर्तन के बाद तेज हवा से 33 केवी लाइन में पेड़ गिरने से सप्लाई बंद हुई थी, इसी प्रकार शहर के कुछ और इलाकों में समस्या हुई थी। रात 11 बजे सप्लाई शुरू हो गई थी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विद्युत व्यवस्था कितनी संवेदनशील हो जाती है और इसके लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है, ताकि आमजन को ऐसी परेशानियों से बचाया जा सके।

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