अंबेडकर चौक पर उपेक्षा का दाग: दो साल से टूटा चश्मा, जयंती से पहले भड़का जनाक्रोश
Junaid Khan - शहडोल। संभाग के अंबेडकर चौक स्थित विश्व रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का चश्मा पिछले दो वर्षों से टूटा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक उदासीन बना हुआ है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद न तो चश्मा बदला गया और न ही स्थल की साफ-सफाई पर ध्यान दिया गया। क्षेत्र में जगह-जगह गड्ढे खोदे जाने से स्थिति और खराब हो गई है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर विशाल रैली और विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, ऐसे में व्यवस्थाओं की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका की है या अन्य प्रशासनिक विभाग की, और कब तक बाबा साहब की प्रतिमा यूं ही उपेक्षा का शिकार बनी रहेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतिमा का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज के महानायक के सम्मान से जुड़ा विषय है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रतिमा का चश्मा ठीक नहीं किया गया और आसपास की साफ-सफाई व सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब शहर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होने जा रहे हैं, तब इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनभावनाओं को समझते हुए समय रहते कार्रवाई करता है या फिर अंबेडकर जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी यह उपेक्षा जारी रहती है।
