कई वर्षों से एक भी नई ट्रेन नहीं,शहडोल की अनदेखी पर भड़के समाजसेवी शान उल्ला खान

सुबह 9 बजे के बाद से शाम 6 बजे तक बिलासपुर रायपुर के लिए ट्रेन न होने से यात्रियों को भारी परेशानी, जनप्रतिनिधियों से नई ट्रेन चलाने की मांग तेज 


Junaid Khan - शहडोल। शहडोल व्यापारी और समाज सेवी शान उल्ला खान ने कहा कि आज शहडोल में 100 साल से ज्यादा हो गया ट्रेन की पटरी और ट्रेन चलने पर चारों तरफ ट्रेन चल रही स्टेशनों का विकाश हुआ बहुत सुंदर स्टेशन बनाया लिफ्ट भी लगेगा परंतु जो अब तक शहडोल वासियों को 9 बजे सुबह 33 के बाद 6साम के पहले 9 बजे और 6 के बीच में बिलासपुर रायपुर जाने के लिए कोई ट्रेन नई न बस है यानी हम बिलासपुर के रात से 9 सुबह तक ही 100 साल से चल रहे अगर हमारे सासंद जी विधायक जी और गणमान्य लोगों से अपील है कि जल्द 9 बजे सुबह के बाद और दोपहर में कोई ट्रेन चलाई जाय तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल एक दिन या कुछ महीनों की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही समस्या है, जिससे आम यात्रियों, व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहडोल जैसे संभागीय मुख्यालय में जहां विकास की कई योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं रेल सुविधाओं में इस तरह की कमी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शान उल्ला खान ने यह भी बताया कि एक ओर रेलवे द्वारा स्टेशन का सौंदर्यीकरण, आधुनिक सुविधाएं और लिफ्ट जैसी व्यवस्थाएं दी जा रही हैं, लेकिन दूसरी ओर सबसे जरूरी सुविधा—समय पर और पर्याप्त ट्रेन अब तक नहीं मिल पाई है। इससे साफ है कि मूल जरूरतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और सुबह 9 बजे के बाद से दोपहर के समय बिलासपुर और रायपुर के लिए नई ट्रेन शुरू करानी चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यदि इस दिशा में जल्द पहल नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन की स्थिति बन सकती है। लोगों का कहना है कि रेलवे को केवल भवन निर्माण और दिखावटी विकास तक सीमित न रहकर, यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। कुल मिलाकर, शहडोल में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग अब जनभावना का रूप ले चुकी है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो सकता है।

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