कलेक्टर का संवेदनशील प्रसास

कलेक्टर का संवेदनशील प्रसास


Junaid khan - शहडोल। 01 अप्रैल 2026- कभी-कभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी कुछ ऐसे पल आते हैं, जो इंसानियत की गहराई को उजागर कर देते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण शहडोल जिले में देखने को मिला, जब कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने अपनी संवेदनशीलता और तत्परता से एक दिव्यांग व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगा दी। बुढार के इमली टोला निवासी नरेंद्र कुमार, जो पैरों से अति दिव्यांग हैं, रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करते थे। सीमित संसाधनों के चलते उनका जीवन कठिनाइयों से भरा हुआ था, और आवागमन उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका था। झूला तिराहे के पास सड़क से गुजरते समय कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की नजर जब नरेंद्र कुमार पर पड़ी, तो उन्होंने अपनी गाड़ी तुरंत रुकवाई। उन्होंने न सिर्फ नरेंद्र की कुशलक्षेम पूछी, बल्कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना। नरेंद्र कुमार ने अपनी परेशानी बताते हुए ट्राइसाइकिल की मांग की। कलेक्टर ने बिना देर किए उन्हें कलेक्ट्रेट भिजवाया और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से तत्काल निःशुल्क ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद नरेंद्र कुमार के चेहरे पर जो खुशी थी, वह इस पहल की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बन गई। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार और कलेक्टर का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका जीवन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि जब संवेदनशीलता और जिम्मेदारी साथ आती हैं, तो छोटे-छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की यह पहल समाज के लिए एक संदेश है कि मानवता और सहानुभूति ही सच्ची सेवा का आधार है। संवेदनशीलता के साथ किये गये छोटे प्रयासों से ज़िन्दगी में बदलाव आ जाता है।

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