शहडोल में लोकायुक्त का शिकंजा: जयसिंहनगर थाने के एएसआई रिश्वत मामले में हिरासत में, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

शहडोल में लोकायुक्त का शिकंजा: जयसिंहनगर थाने के एएसआई रिश्वत मामले में हिरासत में, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप


Junaid Khan - शहडोल। जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयसिंहनगर थाने में पदस्थ एएसआई को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त टीम ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है और विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता हरी दीन साहू, निवासी ग्राम गंधियां, थाना जयसिंहनगर ने दिनांक 30 मार्च 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसके भाई श्रवण कुमार साहू की बीते महीने एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था, जिसके चलते जयसिंहनगर चौराहे पर चक्का जाम किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा लगभग 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था, जिसकी जांच एएसआई एहसान खान कर रहे थे। आरोप है कि इसी मामले में राहत देने और जमानत में सहायता करने के नाम पर एएसआई द्वारा प्रत्येक व्यक्ति से 2500 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार एएसआई ने उससे 2000 रुपये की रिश्वत पहले ही ले ली थी और अन्य आरोपियों से भी लगातार पैसे की मांग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने रिश्वत से संबंधित वॉइस रिकॉर्डिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य लोकायुक्त टीम को सौंपे, जिसके आधार पर सत्यापन की कार्रवाई की गई। लोकायुक्त टीम गुरुवार को एएसआई को रंगे हाथ पकड़ने के उद्देश्य से जयसिंहनगर पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी ने मौके पर पैसे लेने से परहेज किया। इसके बावजूद पूर्व में रिश्वत लेने के पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई एहसान खान को थाने से हिरासत में ले लिया और गहन पूछताछ शुरू कर दी है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा सत्यापन के उपरांत आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और यह संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की नजर लगातार बनी हुई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं आम नागरिकों में इस कार्रवाई को लेकर संतोष देखा जा रहा है, जबकि पुलिस विभाग के भीतर आत्ममंथन की स्थिति बन गई है।

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