गर्मी में सूखे कंठ को तर करने ट्रेन रुकते ही बोगियों तक पहुंचता है ठंडा पेय जल
Junaid Khan - शहडोल। भीषण गर्मी, तप तपाती गर्मी, लोगों का घर से निकलना मुश्किल, शहडोल सहित भारत का तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस है, बावजूद इसके साईं सेवा समिति के सेवादार द्वारा शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 01 में रेल यात्रियों को शुद्ध मटके का ठंडा पेयजल पिलाते हैं, बता दे कि इस भीषण गर्मी के दिनों में समय पर पानी मिल जाना राहत की बात है। खासकर ट्रेनों में सफर कर रहे मुसाफिरों को उनकी बोगियों तक ठंडा पानी सहज रूप से उपलब्ध जाए तो यात्रा की थकान मिट जाने वाला होता है। रेलवे स्टेशन परिसर में शहर के कुछ समाजसेवियों ने गर्मी के इन दिनों में कुछ ऐसी ही व्यवस्था कर रखी है कि मुसाफिरों को उनको बोगियों में ही निः शुल्क रूप से मटके का ठंडा पानी सहज रूप से मिल जाता है। स्टेशन के प्लेटफार्म जैसे ही ट्रेन रुकती है, पहले से खड़े सेवादार यात्रियों के पात्र पानी से भरते हैं। 3 से 5 मिनट के ही ठहराव में सैकड़ों यात्रियों को उनकी सीट तक ही पानी मिल जाता है। सेवा का यह कार्य कोई एक दो साल से नहीं बल्कि पिछले 40 वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है। सेवा का यह कार्य सन 1985 में स्वर्गीय कुलवंत ढांड ने शुरू किया था, जिसे उनके पुत्र शेखर ढांड ने साई सेवा समिति के जरिए आगे बढ़ाया। वर्तमान में रोटरी क्लब विराट, राष्ट्रीय ईसाई महासंघ, कई समाजसेवी व संगठन जुड़कर इस नेक कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
03 से 05 मिनट में सैकड़ों यात्रियों की भर देते हैं बॉटल
प्लेटफार्म में सामान्य यात्रियों के लिए प्याऊ खोला गया है। ट्रेन के यात्रियों को इतना समय नहीं होता कि वे उतरकर बॉटल भर सकें। बोगियों तक ऐसे पहुंचाते हैं पानी, इसके लिए सेवादारों ने 04 ट्रॉलियां रखी हैं, जिनमें पानी भरकर डिब्बों के पास खड़े रहते हैं। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर रूकती है, सेवादारों की टोली घड़े के ताजा ठंडे पानी की ट्रॉली को लेकर सामान्य डिब्बों के आगे जल परोसने का कार्य करते हैं। अब यात्री मानने लगे हैं कि कटनी से लेकर बिलासपुर के बीच शहडोल में उन्हें घड़े का ठंडा पानी मिल ही जाएगा।
जल सेवा अप्रैल से 30 जून तक रेलवे प्रशासन के सहयोग से चलता है
सेवादार बताते हैं कि सामान्य डिब्बे के हर यात्री के पास पानी पहुंचाने की पूरी कोशिश करते हैं। जल सेवा 01 अप्रैल से 30 जून तक रेलवे प्रशासन के सहयोग से चलता है। वही शेखर ढांड बताते हैं संस्था में हर वर्ग और हर धर्म के लोग बरसों से जुड़े हुए हैं। जो इस पुनीत कार्य मे अपनी सेवाएं दे रहे शेखर ढांड, क्रिस्टी अब्राहम, इशाक खान, आजाद बहादुर सिंह, डॉ. एल. पी. सराफ, सरदार जसवीर सिंह पप्पू, अनुशील सिंह, देवेन्द्र श्रीवास्तव, पुष्पेंद्र खरे, महेंद्र, भागवत, प्रत्यूष रजक, विवेक रावत, रविंद्र सिंह, विवेक रावत, अनिल कुमार, मुकेश कुमार, आनंद मेश्राम, मंजूर अहमद, हाजी मकसूद, रेहान खान, इम्तियाज, अर्ष माही, राजेश गजभिए, इकबाल फारुकी, पप्पू जैन, नितिन कुमार डोंगरे, शहंशाह फारुखी, वीरेंद्र सिंह, इम्तियाज, पांडा, आदि लोग इस जनहित के कार्य मे सहभागिता दे रहें हैं, निश्चित ही इन समाजसेवियों का कार्य सराहनीय है।
