हाथीडोल में पसरा मातम,कूलर के जानलेवा करंट ने बुझाया घर का इकलौता चिराग,10 वर्षीय मासूम हर्ष की तड़प-तड़प कर मौत,
Junaid Khan - शहडोल। बुढ़ार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हाथीडोल से एक ऐसी दिल दहला देने वाली हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घर के आंगन में खेल रहे एक 10 वर्षीय मासूम बालक की कूलर में उतरे तेज करंट की चपेट में आने से असमय और दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद जहां पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में विद्युत सुरक्षा और बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे घटिया, अमानक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर भारी जनाक्रोश पनप रहा है। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि उन तमाम जिम्मेदार विभागों और प्रशासनिक अमले को सीधी चुनौती है जो नियमों को ताक पर रखकर अमानक और जानलेवा कूलरों व बिजली के उपकरणों की खुलेआम बिक्री पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
गेंद निकालने गया था मासूम, पलक झपकते ही काल के गाल में समाया
विस्तृत विवरण के अनुसार, हाथीडोल निवासी सुनील द्विवेदी का 10 वर्षीय पुत्र हर्ष द्विवेदी अपने घर के भीतर अन्य दिनों की तरह खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते उसकी गेंद कमरे में चल रहे लोहे के कूलर के पीछे चली गई। मासूम हर्ष जैसे ही अपनी बॉल को निकालने के लिए कूलर के नजदीक पहुंचा, वहां फैले हाई-वोल्टेज करंट ने उसे अपनी भयावह चपेट में ले लिया। जोरदार करंट लगते ही बालक चीख भी नहीं सका और अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। घर में मौजूद परिजन जब दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो हर्ष को तड़पता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में परिजन तुरंत मासूम को लेकर नजदीकी अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बाजार में मौत बांट रहे अवैध व घटिया उपकरण,कब जागेगा प्रशासन?
इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में सक्रिय उन मुनाफाखोरों और अवैध रूप से घटिया बिजली उपकरण असेंबल करने वाले गिरोहों को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है, जो चंद रुपयों के लालच में इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना आईएसआई (ISI) मार्क और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बनाए जा रहे ये कूलर आज हर घर में 'मौत के जाल' की तरह घूम रहे हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही भी इसमें बराबर की जिम्मेदार है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थिंग और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव पर कोई नियंत्रण नहीं रख पाती। यह खबर उन सभी अवैध काम करने वाले कारोबारियों और कुंभकर्णी नींद में सोए प्रशासनिक अधिकारियों को खुली चेतावनी है कि अब जनता की खामोशी टूटने वाली है। यदि इन अमानक और जानलेवा उपकरणों के निर्माण व बिक्री पर तत्काल कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो भविष्य में और भी मासूम इसकी वेदी पर चढ़ते रहेंगे।
