जिले में संचालित विस्फोटक भंडारण एवं विक्रय स्थलों की होगी नियमित जांच
Junaid Khan - शहडोल। 19 मई 2026- कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. केदार सिंह द्वारा जिले में विस्फोटक अधिनियम के अनुपालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि विस्फोटकों का निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसके लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने बताया कि प्रदेश सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर विस्फोटक सामग्री से जुड़ी दुर्घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें जनहानि एवं संपत्ति की क्षति होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहडोल जिले में संचालित सभी विस्फोटक सामग्री निर्माण एवं विक्रय स्थलों की नियमित जांच एवं सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विस्फोटक निर्माण एवं विक्रय के लिए लाइसेंस प्राप्त स्थलों की जानकारी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग एवं औद्योगिक सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विस्फोटक निर्माण स्थल, स्कूल, अस्पताल एवं आबादी वाले क्षेत्रों से निर्धारित न्यूनतम दूरी पर स्थापित हों। आदेश में उल्लेख किया गया है कि सामान्य भंडारण हेतु मैगजीन गोदाम की दूरी 45 मीटर से 400 मीटर तथा पटाखा गोदाम के लिए 10 से 15 मीटर तक निर्धारित है, जिसका पालन विस्फोटक नियम 2008 के तहत किया जाना अनिवार्य होगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान विस्फोटकों के प्रकार, मात्रा, भंडारण प्रणाली एवं भवन संरचना का विशेष परीक्षण किया जाए। निर्माण स्थलों की सुरक्षा हेतु विद्युत उपकरणों की प्रमाणित गुणवत्ता एवं अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन, तकनीकी मानकों की समीक्षा तथा दुर्घटना की स्थिति में तत्काल बचाव एवं राहत उपायों की तैयारी पर विशेष जोर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करने एवं आवश्यकतानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विस्फोटक नियम 2008 के प्रावधानों के तहत जिले के सभी विस्फोटक स्थलों का राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण प्रतिवेदन सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने तथा वर्ष में कम से कम दो बार नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा अलग आदेश जारी कर विभिन्न अनुभागों में जांच अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित विस्फोटक कारखानों एवं भंडारण स्थलों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं तथा अधिनियम के प्रावधानों के पालन की विस्तृत जांच करेंगे।
