विशेष विद्यालय बनेंगे उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पर रहेगा फोकस
Junaid Khan - शहडोल। 28 मई 2027- उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जे.पी. यादव ने संभाग के विशेष आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा परिणाम और छात्रावास व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि विशेष विद्यालयों की पहचान केवल बोर्ड परीक्षा के परिणामों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता से बननी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थी जेईई, नीट, क्लैट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके लिए विशेष अध्ययन योजना, नियमित मार्गदर्शन और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। संभागीय उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों की क्षमता का बेहतर उपयोग कर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार कर उसका गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों के नियमित उपयोग पर जोर दिया। बैठक में छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्री यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के पालकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, ताकि बच्चों की प्रगति और समस्याओं की जानकारी समय पर साझा हो सके तथा उनके सर्वांगीण विकास में परिवार की भी सहभागिता बनी रहे। बैठक में संभाग के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, माता सबरी कन्या शिक्षा परिसर, आदर्श उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय एवं ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
