नगर पालिका CMO का अल्टीमेटम,दौरे पर निकलो या घर बैठो',अवैध निर्माण पर मेहरबान 5 वार्ड प्रभारियों के वेतन काटने के आदेश!
Junaid Khan - शहडोल। नगर पालिका क्षेत्र में पैर पसार चुके अवैध निर्माण के नेटवर्क और सरकारी खजाने को चपत लगाने वाले लापरवाह तंत्र के खिलाफ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) निशांत सिंह ठाकुर ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक महज एक औपचारिक प्रशासनिक चर्चा नहीं, बल्कि नपा के उन मठाधीश कर्मचारियों और वार्ड प्रभारियों के लिए सीधी चेतावनी साबित हुई, जो बंद कमरों में बैठकर फाइलों का खेल चला रहे थे। शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माणों और नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की जा रही इमारतों पर अंकुश लगाने के लिए सीएमओ ने साफ शब्दों में कहा कि अब वार्ड प्रभारियों को अपनी कुर्सियां छोड़कर नियमित रूप से जमीन पर उतरना होगा। लापरवाही की हद पार कर चुके और इस महत्वपूर्ण बैठक से बिना किसी सूचना के नदारद रहने वाले लगभग 5 वार्ड प्रभारियों व कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से वेतन काटने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
सांठगांठ और सुस्ती पर प्रहार, राजस्व की 'लूट' पर लगेगा ताला
सूत्रों की मानें तो शहर के कई इलाकों में वार्ड प्रभारियों की मूक सहमति और कथित सांठगांठ के चलते ही बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण फल-फूल रहे हैं, जिससे एक तरफ शहर का मास्टर प्लान बिगड़ रहा है, तो दूसरी तरफ नगर पालिका को मिलने वाले लाखों रुपये के राजस्व की खुलेआम 'लूट' हो रही है। बैठक में इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सीएमओ ने कड़े तेवर दिखाए और राजस्व वसूली की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी विभागों के प्रमुखों को हिदायत दी है कि राजस्व वसूली में किसी भी स्तर पर नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी या कर्मचारी टैक्स चोरी करने वालों या अवैध निर्माणकर्ताओं को शह देगा, उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। विकास कार्यों को प्राथमिकता में न रखकर लोगों की जनसमस्याओं को लटकाने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर अब सीधी दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है।
बारिश से पहले हादसों को दावत दे रहे 'खतरनाक' पेड़ों पर हंटर
प्रशासनिक सख्ती के इस अभियान में केवल फाइलों का ही नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा का मुद्दा भी गरमा गया है। आगामी मानूसन और भारी बारिश के मद्देनजर सीएमओ ने सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने वार्ड प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का तत्काल सघन दौरा करें और वहां स्थित उन सूखे व खतरनाक पेड़ों को चिन्हित करें जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का सबब बन सकते हैं। बारिश की शुरुआत से पहले ही इन हादसों को दावत दे रहे पेड़ों को हटाने के लिए एक विस्तृत सूची तैयार करने को कहा गया है। प्रशासन की इस चौतरफा घेरेबंदी ने साफ कर दिया है कि शहडोल नपा में अब 'कागजी घोड़े' दौड़ाने और जेबें भरने वाले भ्रष्ट तत्वों के दिन लद चुके हैं और जमीन पर काम न दिखने पर निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई भी दूर नहीं है।
