SECL प्रबंधन ने पेश की सतत विकास की मिसाल,खान प्रबंधक पी. अर्जुन जोडे और उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा के नेतृत्व में रोपे गए सैकड़ों फलदार-छायादार पौधे, ग्रामीणों और जनप्रतिधियों ने भी थामा हाथ
Junaid Khan - शहडोल। बटुरा औद्योगिक प्रगति और पर्यावरण का संतुलन वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग है। इस दिशा में पूर्व में समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित खबरों का एक बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। स्थानीय पर्यावरण और हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) को लेकर जताई गई चिंताओं को संज्ञान में लेते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत रामपुर बटुरा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक वृहद और ऐतिहासिक वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। खान प्रबंधक श्री पी. अर्जुन जोडे एवं उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री संदीप शर्मा के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस महा-अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रबंधन ठान ले, तो कोयला उत्पादन के साथ-साथ प्रकृति का श्रृंगार भी बखूबी किया जा सकता है। खदान परिसर सहित आस-पास के समूचे परिक्षेत्र को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ यहाँ सैकड़ों की संख्या में फलदार, औषधीय और छायादार पौधे रोपित किए गए, जो आने वाले समय में क्षेत्र की आबो-हवा को पूरी तरह बदलने का दम रखते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खान प्रबंधक श्री पी. अर्जुन जोडे ने प्रबंधन की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए कहा कि कोयला उत्पादन देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए जितना जरूरी है, उतना ही हमारे लिए पर्यावरण का संरक्षण भी सर्वोपरि प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनमानस से भावुक अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को न केवल कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए, बल्कि एक अभिभावक की तरह उसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। वहीं, उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री संदीप शर्मा ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए स्पष्ट किया कि SECL पूरी तरह से सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के सिद्धांतों पर अडिग होकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्रों में सघन हरित पट्टी विकसित कर वायु और ध्वनि प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के हरसंभव प्रयास जमीनी स्तर पर किए जा रहे हैं, क्योंकि प्रकृति के संरक्षण के बिना कोई भी विकास स्थायी नहीं हो सकता। प्रबंधन के इस संवेदनशील और मुस्तैद रुख की हर तरफ सराहना हो रही है।
अधिकारियों, कर्मचारियों और जन प्रतिनिधियों की अनुकरणीय सहभागिता इस महा-अभियान की सबसे बड़ी खूबसूरती यह रही कि इसमें प्रशासनिक अमले के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण और पंचायतों के मुखियाओं ने भी कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा, खान प्रबंधक अर्जुन जोडे, राजेश दुबे, पदमेश तिवारी, पी.सी. राऊत, इंजीनियर श्री नीलेश डेहरिया, कैलेंडर मैनेजर हरि सिंह पनवार, सूर्य प्रकाश उरमालिया, संजय पटेल, वैभव वरडे, स्वप्निल त्रिपाठी और पर्यावरण राव साहब उपस्थित रहे। इस पुनीत कार्य में क्षेत्र के सरपंचों की मौजूदगी ने जन-भागीदारी की नई मिसाल पेश की, जिसमें रामपुर सरपंच, भटूरा सरपंच, बिछिया सरपंच और अटरिया सरपंच के साथ राजकमल तिवारी व आदित्य त्रिपाठी ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके साथ ही, कोयला उद्योग को अपनी मेहनत से सींचने वाले जांबाज कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने भी इस अभियान को सफल बनाया। मुख्य रूप से मोहम्मद अशरफ, राकेश कुमार गुप्ता, मोहम्मद हारून, विश्व प्रकाश, रंजीत सिंह, आफताब आलम, शुभम मिश्रा, दीपांक गौतम, भागवत पांडे, प्रवेश जोगी, कार्यालय अधीक्षक मनोज अब्राहम, जितेंद्र पांडेय, सुरेश सोनी, MTK प्रभारी सुखलाल पटेल, मनोज गर्ग, जय कचेर, आदित्य कुमार सोनी, उमाकांत तिवारी, शशिकांत मिश्रा, बी.के. शुक्ल, गोविन्द पाल, मोहम्मद साहिद, दीवाकर नाथ चौबे, के. पी. गुप्ता, रन्नू पनिका, भारत सिंह और मोहम्मद आलम सहित सैकड़ों साथियों ने श्रमदान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि कार्यस्थल और आस-पास के क्षेत्रों में पूर्ण स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। प्रबंधन और जनता का यह साझा प्रयास आने वाले सुनहरे कल की एक सुखद गारंटी है। सकारात्मक बदलाव की बयार खदान क्षेत्रों में प्रदूषण को लेकर अक्सर चिंताएं जताई जाती रही हैं, लेकिन रामपुर बटुरा ओसीपी प्रबंधन ने जिस तत्परता और जिम्मेदारी के साथ इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को अंजाम दिया है, वह प्रशासन की कार्यकुशलता और पर्यावरण के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा को दर्शाता है। यह आयोजन कागजी दावों से इतर धरातल पर हरियाली की नई इबारत लिखने जैसा है, जिसके लिए संपूर्ण SECL सोहागपुर क्षेत्र की टीम बधाई की पात्र है।



