एक ही बस से चौथी बार डीजल पार,बेअसर साबित हुए CCTV फुटेज
Junaid Khan - शहडोल। (जैतपुर) क्षेत्र में कानून व्यवस्था और खाकी का इकबाल किस कदर धराशायी हो चुका है, इसकी बानगी जैतपुर थाना क्षेत्र में साफ देखी जा सकती है, जहां शातिर चोरों ने पुलिसिया गश्त और प्रशासनिक दावों को सरेआम ठेंगा दिखा दिया है। पूर्व में इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी, जिसका नतीजा यह रहा कि चोरों ने एक बार फिर उसी वारदात को दोहराकर सीधे कानून को चुनौती दे डाली है। जैतपुर-कोतमा मार्ग पर चलने वाली बस (बलभद्रपुर नंबर 1) जो जैतपुर-झींक-बिजुरी मुख्य मार्ग स्थित घर के सामने खड़ी थी, चोरों ने उसका डीजल टैंक तोड़कर 50 लीटर से अधिक डीजल पार कर दिया। सबसे शर्मनाक और हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले चार महीनों के भीतर इसी एक ही वाहन को चौथी बार निशाना बनाया गया है। मुख्य सड़क पर सरेराह हो रही इन लगातार वारदातों से अब पुलिस की कार्यप्रणाली सीधे संदेह के घेरे में आ गई है, और क्षेत्र के व्यापारियों व वाहन मालिकों में भारी आक्रोश सुलग रहा है। पुलिसिया नाकामी से बढ़े हौसले,बोलेरो से आए थे बेखौफ तस्कर। इस पूरे मामले में पुलिस की सुस्ती और अपराधियों के प्रति 'नरम रवैये' की पोल तब खुल गई, जब पीड़ित बस मालिक दिनेश शुक्ला द्वारा बार-बार शिकायत करने और ठोस सबूत सौंपने के बाद भी खाकी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। लगातार हो रही चोरी से तंग आकर बस मालिक ने अपने घर के बाहर बकायदा सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाए थे, जिसमें पूर्व की एक वारदात का पूरा सच कैद हुआ था। फुटेज में साफ तौर पर सफेद रंग की बोलेरो वाहन से आए शातिर चोर बेखौफ होकर डीजल चुराते नजर आ रहे थे। पीड़ित ने चोरों का चेहरा, गाड़ी का हुलिया और पुख्ता फुटेज पुलिस प्रशासन के सुपुर्द किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जैतपुर पुलिस एक भी आरोपी की कॉलर तक नहीं नाप सकी। सबूत जेब में होने के बावजूद कार्रवाई न होना, इस आशंका को बल देता है कि क्या इस अवैध सिंडिकेट और डीजल चोर गिरोह को स्थानीय स्तर पर कोई मूक संरक्षण प्राप्त है? अखबार में खिंचाई के बाद भी सिर्फ 'कागजी आश्वासन', जनता में आक्रोश इस गंभीर सुरक्षा चूक पर जब मीडिया ने तीखे सवाल दागे और पूर्व में खबर प्रकाशित कर प्रशासन को चेताया, तो हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ने पीड़ित को सिर्फ 'कार्रवाई क घिसा-पिटा आश्वासन' थमाकर अपना पल्ला झाड़ लिया। रविवार की रात हुई इस ताजी वारदात के बाद जब बस चालक ने सुबह टूटा हुआ टैंक देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पीड़ित दिनेश शुक्ला एक बार फिर न्याय की आस में थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन धरातल पर नतीजा शून्य है। मुख्य मार्ग पर, रिहायशी इलाके के सामने खड़ी गाड़ी सुरक्षित नहीं है, तो अंदरूनी इलाकों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। यदि समय रहते पुलिस ने इस 'डीजल चोर गिरोह' और इसके पीछे सक्रिय सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो कानून व्यवस्था के खिलाफ जनता का यह आक्रोश उग्र आंदोलन में बदल सकता है।
