लखवारिया मार्ग पर पुलिसिंग फेल,चाकू की नोक पर मालवाहक चालक से सरेराह लूट
Junaid Khan - शहडोल। संभाग में बेलगाम होते जा रहे अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। खैरहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखवारिया रोड पुलिया के समीप देर रात बाइक सवार बेखौफ बदमाशों ने चाकू की नोक पर एक मालवाहक वाहन के चालक को बंधक बनाकर सरेराह लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित चालक सुनील केवट देर रात सीमेंट की खेप खाली कर वापस लौट रहा था, तभी लखवारिया पुलिया के पास घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उसकी गाड़ी के सामने अपनी मोटरसाइकिल अड़ाकर रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, अपराधियों ने धारदार चाकू निकालकर उसकी गर्दन पर लगा दिया और जान से मारने की धमकी देकर उसकी जेब में रखे 2800 रुपये नकद सहित बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज छीनकर रफूचक्कर हो गए। सरेराह हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने यह साफ कर दिया है कि इलाके में पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
हिस्ट्रीशीटरों का खुला तांडव, आखिर कब जागेगी खैरहा पुलिस?
वारदात के बाद बदहवास पीड़ित ने खैरहा थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने लखवारिया निवासी आरोपी शनि दीवान और नवीन यादव के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। हालांकि पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तत्काल टीम गठित कर कुछ ही घंटों में एक आरोपी नवीन यादव को तो दबोच लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी शनि यादव (दीवान) अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठता है कि जब पुलिस के पास इन आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है, तो ऐसे आदतन अपराधियों पर पहले से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सुनसान सड़कों पर रात के समय गश्त करने का दम भरने वाली खैरहा पुलिस वारदात के समय कहां सो रही थी? यदि पुलिस की विजिबिलिटी सड़कों पर होती, तो अपराधियों में इस तरह सरेराह लूटपाट करने की हिम्मत कभी न होती। संभाग मुख्यालय से सटे इस पूरे बेल्ट में बढ़ती इस तरह की वारदातें स्थानीय प्रशासन और पुलिसिंग की सुस्ती पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती हैं।रती हैं।
