अंधेरे से बाहर आएंगे शहडोल-मनेंद्रगढ़ के रेलवे खेल मैदान

डीआरएम के कड़े रुख के बाद जागा प्रशासन,04 साल पुराना एस्टीमेट रद्द कर नए सिरे से कायाकल्प की तैयारी शुरू


Junaid Khan - शहडोल। रेलवे खेल मैदानों की लंबे समय से की जा रही उपेक्षा और खिलाड़ियों की समस्याओं को लेकर आखिरकार बिलासपुर रेल मंडल प्रशासन को झुकना पड़ा है। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर कांग्रेस की ओर से पीएनएम बैठक (20 नवंबर 2025) के एजेंडा क्रमांक 29 के तहत उठाई गई मांगों पर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राकेश रंजन के सख्त निर्देश के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। वर्षों से धूल फांक रही फाइलों को खोलते हुए वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ. अंशुमन मिश्रा ने गत 4 मई 2026 को पत्र (क्रमांक पीएनएम/सर्वे/फुटबॉल ग्राउंड/2026/01/322) जारी कर सर्वे कमेटी का गठन कर दिया है। इसके साथ ही वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (आरएसएन) वासू गुप्ता ने भी मैदानों में हाईटेक फ्लड लाइटें लगाने के लिए विभागीय हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद खेल प्रेमियों में नई उम्मीद जागी है। प्रशासन की इस तत्परता की जहां एक ओर सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर बरसों से कुंडली मारकर बैठी विभागीय सुस्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजदूर कांग्रेस के मंडल समन्वयक विजय अग्रिहोत्री, जोनल कार्यकारी अध्यक्ष व सीआईसी प्रभारी लक्ष्मण राव और अतिरिक्त संयुक्त महामंत्री राजेश खोपारागड़े के आक्रामक नेतृत्व में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया गया था। शहडोल शाखा सचिव बालकृष्ण बंगारी व मनेंद्रगढ़ शाखा सचिव खुर्शीद आलम की मैदानी सक्रियता का ही परिणाम है कि रेलवे का प्रशासनिक अमला जमीन पर उतरकर काम करने को मजबूर हुआ। बीते 17 जुलाई को जोनल कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव, राजेश खोपारागड़े, खुर्शीद आलम सहित सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) साकेत गुप्ता और सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत सामान्य) अनिल कटारे के सर्वे दल ने मनेंद्रगढ़ रेलवे फुटबॉल ग्राउंड का मौका-मुआयना किया। दल ने यहाँ रात में भी खेल संभव बनाने के लिए 06 हाईटेक फ्लड लाइटें लगाने की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार कर बिलासपुर मुख्यालय भेज दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां सजग संगठनों की ताकत को रेखांकित किया है, वहीं रेलवे के उन लापरवाह अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया है जिनकी वजह से वर्ष 2022 में बना एस्टीमेट 4 साल तक फाइलों में दबा रहा। अब रेल प्रशासन ने अपनी गहरी सुस्ती को तोड़ते हुए उस पुराने एस्टीमेट को रद्द कर नए सिरे से री-सर्वे करने और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार नया बजट तैयार करने का सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश से शहडोल रेलवे फुटबॉल ग्राउंड में स्टेज, ड्रेस चेंजिंग रूम और बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाओं के कायाकल्प का रास्ता भी साफ हो गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि जब तक मैदानों पर लाइटें जल नहीं जातीं और निर्माण कार्य धरातल पर पूरा नहीं हो जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे और इस जनहित के मुद्दे पर प्रशासन की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे।

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