ईमानदार उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग का बुलडोजर,बिल भरने के बाद भी काटे कनेक्शन

जैतपुर अमले की अंधी वसूली से भड़का झींक बिजुरी गांव, पुलिस चौकी पहुंचे दोनों पक्ष


Junaid Khan - शहडोल। विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनहीनता, तानाशाही और अंधेरगर्दी से अब ग्रामीण इलाकों की आम जनता का सब्र पूरी तरह जवाब देने लगा है। बकाया वसूली के नाम पर टारगेट पूरा करने की अंधी दौड़ में अंधी हो चुकी बिजली विभाग की टीम ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर ऐसा फरमान ढाया कि पूरा गांव आक्रोश की आग में सुलग उठा। मामला जैतपुर थाना क्षेत्र के झींक बिजुरी पुलिस चौकी अंतर्गत झींक बिजुरी गांव का है, जहां बिल की बकाया वसूली के नाम पर पहुंचे विभागीय अमले ने बिना किसी जांच-परख के उन ईमानदार उपभोक्ताओं के भी कनेक्शन निर्दयतापूर्वक काट दिए, जो नियमित रूप से अपने बिजली बिल का पाई-पाई भुगतान कर चुके थे। विभाग की इस तानाशाही और हठधर्मिता से परेशान होकर जब ग्रामीणों ने मौके पर विरोध जताया, तो विभागीय कर्मचारियों ने नम्रता दिखाने के बजाय अपनी अकड़ दिखाई, जिससे स्थिति गंभीर विवाद और तीखी हाथापाई के मोड़ पर पहुंच गई। विभागीय अमले की इस तानाशाही के शिकार ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ चुनिंदा घरों पर बिजली बिल की राशि बकाया थी, जिसकी वसूली के नाम पर जैतपुर बिजली विभाग की टीम गांव में धमके थे। कार्रवाई के दौरान दर्जनों जागरूक उपभोक्ताओं ने तो विवाद से बचने के लिए मौके पर ही बकाया राशि का तत्काल भुगतान कर दिया, जबकि कुछ लोग तकनीकी या आर्थिक कारणों से तुरंत भुगतान नहीं कर सके। लेकिन विभागीय कर्मचारियों पर तो मानो सिर्फ आंकड़े चमकाने का जुनून सवार था; उन्होंने सही-गलत का फर्क समझे बिना झींक बिजुरी गांव के लगभग चार दर्जन (40 से अधिक) से ज्यादा घरों के कनेक्शन एक लाइन से काट दिए। इनमें वे गरीब और असहाय ग्रामीण भी शामिल हैं जिनका कोई बिल बकाया ही नहीं था। इस अन्यायी और अंधाधुंध कार्रवाई से पूरे गांव में भारी जनआक्रोश फैल गया। उग्र ग्रामीणों का हुजूम अधिकारियों की गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए झींक बिजुरी पुलिस चौकी पहुंच गया और विभागीय कर्मचारियों की मनमानी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी तरफ, अपनी कमियों को छिपाने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी पुलिस को शिकायत सौंपी है। फिलहाल दोनों पक्षों की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस पूरी घटना ने बिजली कंपनी की भ्रष्ट और क्रूर कार्यशैली को बेनकाब कर दिया है।

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