नौनिहालों की सुरक्षा के लिए 'सिंघम' मोड में यातायात पुलिस,सड़कों पर उतरा अमला

नियमों को ठेंगा दिखाने वाले स्कूल वाहनों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

यातायात प्रभारी संजय जायसवाल की अगुवाई में महाअभियान,दो दिन में 07 स्कूल वैन जब्त, 04 बसों का कटा चालान, 17 जुलाई तक चलेगा सघन चेकिंग अभियान 



Junaid Khan - शहडोल। नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शहडोल पुलिस ने एक बेहद सराहनीय और कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिला पुलिस कप्तान के मार्गदर्शन में यातायात विभाग ने जिले के सभी संवेदनशील चौराहों और स्कूल परिसरों के बाहर एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार कर दिया है। यातायात प्रभारी संजय जायसवाल की सीधी मौजूदगी में पुलिस अमले ने सड़कों पर उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस महाअभियान के शुरुआती दो दिनों में ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए नियमों के विरुद्ध संचालित हो रही 7 स्कूल वैनों को मौके पर ही जब्त कर लिया, जबकि 4 बड़ी स्कूल बसों का तगड़ा चालान काटकर कड़ा संदेश दिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने उन लापरवाह वाहन संचालकों के होश उड़ा दिए हैं जो अब तक मासूम बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। आगामी 17 जुलाई तक लगातार चलने वाले इस विशेष चेकिंग अभियान से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की इस सजगता की चौतरफा सराहना हो रही है।

फिटनेस से लेकर 'ब्रेथ एनालाइजर' तक की कड़ाई,नशेड़ी ड्राइवरों पर सीधे दर्ज होगी FIR, 40 की रफ्तार का लक्ष्मण रेखा तय यातायात विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अभेद्य दीवार साबित हो रहा है। यातायात प्रभारी ने साफ कर दिया है कि स्कूल बसों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, स्पीड गवर्नर और आपातकालीन निकास द्वार जैसे हर एक सुरक्षा मानक की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण कदम चालकों के सत्यापन और उनके अनुभव को लेकर उठाया गया है; अब भारी वाहन चलाने के लिए कम से कम 5 वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस की टीम 'ब्रेथ एनालाइजर' के जरिए कड़ाई से चालकों के शराब सेवन की जांच भी कर रही है, और साफ चेतावनी दी गई है कि नशे में पाए जाने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। ओवरलोडिंग, तेज गति और नियमों की अनदेखी पर नजर रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर बसों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित कर दी गई है। प्रशासन की इस अभूतपूर्व मुस्तैदी और कड़े तेवरों ने यह साबित कर दिया है कि शहडोल में अब बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं होगी।

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