साइबर ठगों के मकड़जाल में फंसा बुजुर्ग, ₹13.85 लाख की चपत,जनता की सजगता से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

साइबर ठगों के मकड़जाल में फंसा बुजुर्ग, ₹13.85 लाख की चपत,जनता की सजगता से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप


Junaid Khan - शहडोल। जिले में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण शहर के वार्ड क्रमांक 28, कृष्णा कॉलोनी (रमाबाई अस्पताल के पीछे) में देखने को मिला है। वर्ष 2021 में शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए 67 वर्षीय बुजुर्ग अनिल कुमार श्रीवास्तव को शातिर साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर ₹13,85,179 (तेरह लाख पचासी हजार एक सौ उन्यासी रुपये) की बड़ी चपत लगा दी। पीड़िता की गाढ़ी कमाई और जीवनभर की पेंशन पूंजी हड़पने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय शैली के गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और मामले की शिकायत दर्ज कराई। जनता की इस बहादुरी और जागरूकता ने पूरे पुलिस प्रशासन व संबंधित विभागों के कान खड़े कर दिए हैं। 

फर्जी बैंक ड्राफ्ट और फर्जी मैनेजरों का बिछाया गया था खतरनाक जाल 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगी का यह खेल 21 जुलाई 2026 से शुरू हुआ, जब रिदिमा सिंह (मो. 7566875815) नामक महिला ने एसबीआई पॉलिसी सेटलमेंट का झांसा देकर पीड़ित को राकेश यादव (मो. 9713872794) से संपर्क करने को कहा। इसके बाद जानव्ही राणा (मो. 9617809585), पल्लवी (मो. 9713345241) और परेश गाँधी (मो. 769731034, 9522170698) जैसे शातिर चेहरों ने खुद को इंश्योरेंस अधिकारी, सीए और बैंक मैनेजर बताकर अलग-अलग किश्तों में यूपीआई व आरटीजीएस के माध्यम से पैसे ऐंठना शुरू कर दिया। ठगों की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने ₹29,87,980 का फर्जी बैंक ड्राफ्ट बनाकर व्हाट्सएप पर भेज दिया और ड्राफ्ट में अंतर आने का बहाना बनाकर इटावा (यूपी) के पंजाब नेशनल बैंक खाते में मिस करीमा के नाम पर ₹7,68,179 की रकम भी जमा करवा ली। जब आरोपियों ने 28% इनकम टैक्स के नाम पर और पैसों की मांग की, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।  

जनता की जागरूकता के आगे झुका तंत्र, कोतवाली पुलिस ने दर्ज की FIR 

जब साइबर अपराधियों ने पीड़ित को डराने और केस फ्रॉड में डालने की धमकी दी, तब पीड़ित ने हिम्मत नहीं हारी और सीधे साइबर शाखा व कोतवाली थाने का रुख किया। इस बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और अपराधियों को सबक सिखाने के लिए पीड़ित ने एसबीआई व बंधन बैंक खातों से हुए कुल ₹13,85,179 के ट्रांजेक्शन का पूरा ब्योरा पुलिस के समक्ष रखा। पीड़ित की सजगता के कारण ही शहडोल कोतवाली पुलिस को हरकत में आना पड़ा और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 319(2), 308 एवं 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई है। जनता की इस सतर्कता ने साबित कर दिया है कि यदि पीड़ित नागरिक आवाज उठाएं, तो जिम्मेदार अधिकारियों व पुलिस विभाग को ठोस कानूनी कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ता है।

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