बस स्टैंड पर दबंगई,बुजुर्ग उद्घोषक पर जानलेवा हमला,कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय के बस स्टैंड परिसर बलपुरवा में गुंडागर्दी और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर पालिका की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। नगर पालिका के कमरों में बैठकर वर्षों से अनाउंसमेंट (उद्घोषणा) का कार्य करने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग तेजबली शर्मा पर रंजिश के चलते जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना 14 अगस्त की सुबह लगभग 10:45 बजे की है, जब पीड़ित अपने कार्यालय में रोजमर्रा का काम निपटा रहे थे। तभी पुरानी रंजिश का बदला लेने की नीयत से आरोपी रवि यादव (पिता मोहित यादव, निवासी ग्राम हर्दी, थाना सोहागपुर) अपने 2-3 अन्य साथियों के साथ हाथ में डंडे और लोहे के पाइप लेकर कार्यालय में घुस आया। दबंगों ने बुजुर्ग को मां-बहन की नग्न गालियां देते हुए जमीन पर पटक दिया और लात-घूसों व डंडों से बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी।
प्रशासनिक सुस्ती पर उठे सवाल,08 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आ रहा है। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती कर पेट, गर्दन, सीना और गुप्तांगों की मेडिकल जांच व सी.टी. स्कैन कराया। शरीर के अत्यंत संवेदनशील अंगों में गंभीर चोटें आने के बावजूद, कोतवाली पुलिस ने मामले में सुस्ती दिखाते हुए घटना के 8 दिन बाद यानी 22 अगस्त को जाकर अपराध (अपराध क्रमांक 0409/2026) दर्ज किया। पीड़ित की आवाज दबाने और सार्वजनिक संपत्ति (माइक व साउंड सिस्टम) को क्षति पहुंचाने वाले आरोपियों पर बीएनएस की धारा 296(b), 115(2), 332(c), 324(2), 351(3), 3(5) के तहत मामला तो कायम किया गया है, लेकिन घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपी रवि यादव और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर गहरे सवालिया निशान खड़े करता है।
सार्वजनिक स्थलों पर असुरक्षित जनता,जिम्मेदार मौन
बस स्टैंड जैसे अति-व्यस्त और सार्वजनिक स्थल पर दिन-दहाड़े हुई इस गुंडागर्दी से आम जनता और स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। चश्मदीदों (जितेन्द्र यादव और वीरू पाठक) के बीच-बचाव करने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। जनता का कहना है कि जब नगर पालिका परिसर के भीतर काम करने वाले बुजुर्ग नागरिक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम यात्रियों की सुरक्षा का क्या? आरोपी रवि यादव कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने की आड़ में इस तरह की दबंगई को अंजाम दे रहा है, जो मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा खतरा है। क्षेत्र की जनता अब जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग कर रही है कि मामले में लीपापोती बंद कर आरोपियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और बस स्टैंड परिसर में असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
