स्कूलों में गूंज रहा सड़क सुरक्षा का पाठ, 3000+ बच्चों ने सीखा“सुरक्षित सफर”का मंत्र

कहीं सिग्नल की पहचान, कहीं रोड साइन का ज्ञान…यातायात पुलिस का "ट्रैफिक पार्क"बना उत्साह का केंद्र


Junaid Khan - शहडोल। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देश पर किताबों की पढ़ाई के साथ अब बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। अनूपपुर यातायात पुलिस का ट्रैफिक पाठशाला अभियान लगातार विद्यार्थियों के बीच पहुंच बना रहा है। अभियान के तहत अब तक 15 से अधिक स्कूलों में पहुंचकर 3000 से अधिक विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा चुकी है।क्लासरूम से ट्रैफिक पार्क त हर कदम पर सुरक्षा की सीख। यातायात पुलिस की टीम प्रतिदिन विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन और सुरक्षित सड़क पार करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दे रही है। वहीं विद्यार्थियों को ट्रैफिक पार्क में ले जाकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के माध्यम से यातायात नियमों को समझाया जा रहा है। बच्चों ने अलग-अलग रोड साइन और ट्रैफिक सिग्नल की पहचान की और उनके महत्व को जाना। सवालों की बौछार,जवाबों में दिखा उत्साह। ट्रैफिक नियमों को बोझिल बनाने के बजाय रोचक तरीके से समझाने के लिए यातायात प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सही जवाब देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया। प्रोत्साहन के तौर पर बच्चों को चॉकलेट भी दी गई। चॉकलेट पाकर खिले बच्चों के चेहरे और यातायात नियमों को लेकर उनका उत्साह अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर बन गया। बच्चे बनेंगे जागरूकता के संदेशवाहक। यातायात पुलिस का मानना है कि बचपन में सीखी गई सड़क सुरक्षा की सीख जीवनभर साथ रहती है। इसलिए बच्चों को जागरूक कर उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने हेतु तैयार किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में ट्रैफिक पाठशाला अभियान निरंतर जारी है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य विद्यालयों तक पहुंचकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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