प्रशासनिक उदासीनता से 'अधर' में अटका मार्ग निर्माण,40 दिनों से दुकानें बंद, व्यापारियों का व्यापार ठप

पोल शिफ्टिंग व अतिक्रमण हटाने में नगर पालिका व बिजली विभाग की नाकामी; उखड़ी सड़क से जनता बेहाल, कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग


Junaid Khan - शहडोल। नगर के अति-व्यस्तम इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व आपसी तालमेल की कमी के कारण पूरी तरह 'अधर' में लटक गया है। विकास के नाम पर पिछले 40 दिनों से पूरी सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह ठप हो चुका है और उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आलम यह है कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी का दावा है कि मार्ग में बाधा बने बिजली के खंभों (पोलों) की शिफ्टिंग और मार्ग पर फैला अतिक्रमण जब तक नहीं हटाया जाता, तब तक निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। दूसरी ओर, 'कार्य प्रगति पर है, कृपया धीरे चलें' का बोर्ड लगाकर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा रोज हजारों राहगीरों और क्षेत्रवासियों को धूल, गड्डों और हादसों के बीच भुगतना पड़ रहा है।

नगर पालिका व विद्युत विभाग का गैर-जिम्मेदाराना रवैया,तालमेल की भारी कमी

सड़क निर्माण की राह में सबसे बड़ी रुकावट बने विद्युत पोलों को हटाने में बिजली विभाग (एमपीईबी) और नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर महीनों बाद भी इन बाधाओं को दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? ठेकेदार एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि अतिक्रमण हटाने और बिजली पोल शिफ्ट करने का काम उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, जिसे केवल नगर पालिका और विद्युत विभाग मिलकर ही पूरा कर सकते हैं। लेकिन दोनों ही महकमे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस नाकामी और ढुलमुल रवैये के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। उखड़ी पड़ी सड़क और बिखरी गिट्टियों के कारण राहगीर और दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

रोजी-रोटी संकट में,उग्र आंदोलन की आहट; कलेक्टर के संज्ञान व त्वरित कार्रवाई की गुहार 

स्थानीय दुकानदारों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच चुका है। लगातार 40 दिनों से दुकानें बंद रहने से व्यापारियों की आर्थिक रीढ़ टूट चुकी है। पीड़ित व्यापारियों और आम नागरिकों ने अब जिला कलेक्टर शहडोल से इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों की स्पष्ट मांग है कि नगर पालिका मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CMO), विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) और संबंधित ठेकेदार की एक संयुक्त बैठक बुलाकर समयावधि तय की जाए और युद्ध स्तर पर विद्युत पोलों की शिफ्टिंग व अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कराई जाए। यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते इस ज्वलंत समस्या का समाधान नहीं निकाला और निर्माण कार्य को तेजी से शुरू नहीं कराया, तो व्यापारी संघ और आम जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

Previous Post Next Post