शहडोल का विकास चमचागिरी से नहीं जन आंदोलन से हो सकता है-कैलाश तिवारी
Junaid Khan - शहडोल। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कैलाश तिवारी ने शहडोल नगर वासियों से अनुरोध किया है कि वह शहडोल नगर का यदि विकास चाहते हैं तो नेताओं को माला, शाल ,श्रीफल देकर नहीं हो सकता है। वर्तमान समय में चमचागिरी की हद कर दी गई है मंत्रियों की ऐसी आव भगत की जाती है। मानो रथ यात्रा आ रही है। देखा जा रहा है कि आज के समय में प्रशासन ज्ञापन एवं निवेदन की भाषा नहीं समझता है वह आंदोलन से ही जगाता है। कैलाश तिवारी ने कहा है कि एक लंबे समय से शहडोल में कोई भी जन आंदोलन नहीं किया गया है। आखिरी सर्वदलीय आंदोलन रेलवे की मांग को लेकर किया गया था। उसमें कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी सहित सभी दलों के लोग जेल तक जाना पड़ा था। उसके बाद से कोई भी आंदोलन नहीं किया गया है। उस आंदोलन का परिणाम था कि अनेक रेलवे की सुविधा शहडोल मुख्यालय में उपलब्ध हुई। आज शहडोल के विकास के लिए जन आंदोलन अनिवार्य हो गया है अन्यथा शहडोल नगर की दुर्दशा को कोई नहीं रोक सकता है। विकास के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्य से दूर जा रहे हैं। भ्रष्टाचारियों को हटाने की बजाय उनको संरक्षण दे रहे हैं। कैलाश तिवारी ने शहडोल की युवा लोगों से अपेक्षा की है कि वह आगे आकर नई पीढ़ी को विकास के मार्ग पर लेकर जाएं। इसके लिए उन्हें जो भी त्याग करना पड़े वह उसमें पीछे ना रहे। शहडोल नगर के वरिष्ठ नेता उनके साथ रहेंगे तथा जेल भी जाने की जरूरत होगी तो पीछे नहीं हटेंगे।
