पीड़ित से 5 हजार मांगने का ऑडियो वायरल होते ही नवागत एसपी संजय कुमार अग्रवाल का कड़ा संदेश, विभाग में मचा हड़कंप
Junaid Khan - शहडोल। पपौंध खाकी को दागदार करने वाले और जनता का खून चूसने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जिला पुलिस कप्तान संजय कुमार अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया है। पपौंध थाना क्षेत्र से सामने आए एक शर्मनाक मामले में, जहां रक्षक ही भक्षक बनकर न्याय की उम्मीद लेकर आए पीड़ित पक्ष से सरेआम 5 हजार रुपये की घूस मांग रहा था, नवागत एसपी ने त्वरित और कठोर गाज गिराई है। शिकायत और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होते ही 'सिंघम' शैली में कार्रवाई करते हुए नवागत पुलिस अधीक्षक ने आरोपी आरक्षक सुरेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर करने का फरमान जारी कर दिया। राज्य सरकार और प्रदेश पुलिस महकमे की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पूरे जिले के थानों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। हर सुख-सुविधा, सरकारी वेतन और सम्मान मिलने के बाद भी चंद रुपयों के खातिर खाकी की साख नीलाम करने वाले ऐसे वर्दीधारियों के इस कुकृत्य पर अब आमजन भी थू-थू कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में पपौंध थाने में पदस्थ आरक्षक सुरेश सिंह का एक ऑडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। वायरल ऑडियो में बेखौफ आरक्षक पीड़ित से साफ शब्दों में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगते हुए यह दावा करता सुनाई दे रहा था कि "पैसे दे दो, काम हो जाएगा और यदि काम नहीं हुआ तो रुपये वापस कर दिए जाएंगे।" न्याय का सौदा करने की इस खुली दुस्साहस भरी बातचीत ने प्रशासनिक हलकों तक को हिलाकर रख दिया। मामला जैसे ही नवागत एसपी संजय कुमार अग्रवाल के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए मामले की गंभीरता को समझा और दोषी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। एसपी के इस कड़े फैसले से न केवल जिम्मेदार अधिकारियों और मातहत कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी मिली है कि भ्रष्टाचारियों की जगह पुलिस महकमे में नहीं बल्कि लाइन में है, बल्कि आम जनता में भी प्रशासन और सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। फिलहाल ऑडियो की सत्यता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है, जिसके आधार पर आगे की विभागीय वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
