टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एनसीसी कैडेटों ने निकाली जागरूकता रैली

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एनसीसी कैडेटों ने निकाली जागरूकता रैली 


Junaid Khan - शहडोल। 28 अगस्त 2026 पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों द्वारा जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच तथा नियमित उपचार के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलगुरु प्रो. रामशंकर के निर्देशानुसार, 7 एमपी (आई) कंपनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, शहडोल के कमान अधिकारी कर्नल ए.के. शर्मा के नेतृत्व तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिकारी कैप्टन जी.एस. सांड्या के मार्गदर्शन में किया गया। जागरूकता रैली में राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैडेटों ने विभिन्न जागरूकता नारों के माध्यम से आमजन को टीबी के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। “टीबी को हराना है, भारत को टीबी मुक्त बनाना है” जैसे नारों से विश्वविद्यालय परिसर एवं आसपास का वातावरण जागरूकता संदेशों से गूंज उठा। रैली के साथ आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से टीबी के प्रमुख लक्षणों और उससे बचाव के उपायों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कैडेटों ने बताया कि लगातार खांसी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, वजन कम होना, बुखार आदि लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराकर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार लेना आवश्यक है। नियमित एवं पूर्ण उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने राष्ट्रीय कैडेट कोर कैडेटों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सामाजिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों में भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने में युवाओं को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आशीष तिवारी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कैडेटों के अनुशासन, उत्साह एवं सामाजिक जिम्मेदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। जनजागरूकता के माध्यम से समय पर जांच और उपचार को बढ़ावा देकर टीबी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को टीबी के प्रति जागरूक रहने, इसके लक्षणों को पहचानने, समय पर जांच कराने तथा उपचार का पूरा कोर्स करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन टीबी मुक्त भारत के संकल्प के साथ हुआ। राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों की इस पहल को विश्वविद्यालय परिवार एवं उपस्थित लोगों द्वारा सराहा गया।

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