जिम्मेदारों की उपेक्षा से आक्रोशित जनता,रेलवे फ्लाईओवर निर्माण के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी

पुरानी बस्ती फाटक बंद होने से बेहाल नागरिक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल



Junaid Khan - शहडोल। शहर के पुरानी बस्ती रेलवे फाटक को बंद किए जाने के बाद से लगातार उपजी गंभीर जनसमस्याओं और अनुपयोगी साबित हो रहे रेलवे अंडरपास को लेकर अब जनता का सब्र टूट चुका है। शासन-प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसद व विधायकों) तथा रेल विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता के खिलाफ आम नागरिकों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने को आतुर है। एक तरफ जहां जिम्मेदार अधिकारी और राजनेता जनता के हितों को दरकिनार कर केवल खोखले वादों में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के जागरूक नागरिकों और समाजशास्त्रियों ने जनता की आवाज को मजबूती देने के लिए निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के रूप में रेलवे फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) निर्माण की मांग को लेकर 'रेलवे फाटक संघर्ष समिति' द्वारा एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के जनविरोधी रवैये पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया। बैठक का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी अमित अग्रवाल के निवास स्थान पर संपन्न हुआ, जिसमें पुरानी बस्ती सहित नगर के विभिन्न वार्डों व क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनहितैषी प्रतिनिधि शामिल हुए। उपस्थित जनों ने एक स्वर में कहा कि पुरानी बस्ती रेलवे फाटक बंद होने के बाद से आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों की आवागमन संबंधी समस्याएं विकराल रूप ले चुकी हैं। वर्तमान में निर्मित अंडरपास कई परिस्थितियों में पूरी तरह विफल व अनुपयोगी साबित हो रहा है, जिससे आए दिन जाम और जलभराव की स्थिति निर्मित होती है। क्षेत्र की जमीनी आवश्यकता और जनहित को प्राथमिकता न देना शासन और रेल प्रशासन की बड़ी नाकामी को उजागर करता है। इस दौरान जनता के इस एकजुट प्रयास और सजगता की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं, तब जनता को स्वयं अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना पड़ता है। अधिकारियों व नेताओं की संवेदनहीनता के खिलाफ अब पूरे शहर के नागरिकों को एकजुट कर चरणबद्ध तरीके से एक व्यापक और उग्र जनआंदोलन खड़ा करने की ठोस रणनीति बनाई गई है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फ्लाईओवर निर्माण की स्वीकृति और कार्ययोजना धरातल पर नहीं लाई गई, तो रेल चक्का जाम से लेकर कलेक्ट्रेट घेराव तक किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में रेलवे फाटक संघर्ष समिति के संयोजक/अध्यक्ष रामजी श्रीवास्तव, श्याम बाबू जायसवाल, भाजपा नेत्री नीलम चतुर्वेदी, अधिवक्ता राकेश सिंह बघेल, कांग्रेस नेता रविंद्र तिवारी, हाजी मोहम्मद यूसुफ, अकरम खान, फिरोज खान, अभिषेक मिश्रा, शिवकुमार अग्रवाल, पार्षद पूर्णेन्दु मिश्रा, राजा यादव, पूर्व पार्षद इशहाक खान, मनोज पाठक, बलवीर सिंह, रोहित कटारे, राजू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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