जनजातीय काष्ठ शिल्प, तरू शिल्पकला को मिला वैश्विक बाजार

संत रविदास हस्तशिल्प केन्द्र छतवई के शिल्प कारीगरों द्वारा तैयार काष्ठ शिल्प को अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जोड़ा गया 

कलेक्टर ने रिमोट की बटन दबाकर तरू काष्ठशिल्प को अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जोड़ा 



Junaid Khan - शहडोल। 31 अगस्त 2026- जिले के संत रविदास हस्तशिल्प केन्द्र छतवई की तरू शिल्प काष्ठकला को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा काष्ठ कारीगरों के तैयार उत्पादों को अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जोड़ने की पहल की गई है। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने रिमोट की बटन दबाकर तरू काष्ठशिल्प को अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से ग्रामीण शिल्पियों को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से 100 शिल्पियों को काष्ठशिल्प, दरी एवं कालीन निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह द्वारा किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान उत्तरप्रदेश के भदोही से आए मास्टर ट्रेनर द्वारा दरी एवं कालीन निर्माण तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस्तर से आए मास्टर ट्रेनर द्वारा काष्ठशिल्प का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त काष्ठ शिल्पियों ने अपनी कला में दक्षता हासिल करते हुए राधा-कृष्ण, भगवान गणेश, महात्मा बुद्ध, मोर तथा जनजातीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न आकर्षक काष्ठ शिल्प तैयार किए हैं। प्रशिक्षित शिल्पियों द्वारा तैयार काष्ठ उत्पादों को बाजार भी मिलने लगा है। अब तक इन शिल्पियों द्वारा प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से 01 लाख 50 हजार रुपये के काष्ठ शिल्प उत्पादों का विक्रय किया जा चुका है। अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जुड़ने के बाद इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा तथा शिल्पियों की कला देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच सकेगी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, डीएफओ श्रीमती तरूणा वर्मा एवं श्रीमती श्रद्धा पेंद्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तरू काष्ठशिल्प प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान नव प्रशिक्षित काष्ठ कारीगरों श्री संजीव बैगा, सुश्री दुर्गा सिंह, श्री दिनेश बैगा, श्री सुंदर लाल बैगा, श्री गुड़िया बैगा, श्री धीरेन्द्र सिंह एवं श्री अशोक बर्मन, मास्टर ट्रेनर श्री रामप्रसाद बघेल तथा हस्तशिल्प केन्द्र के प्रबंधक श्री शिवशंकर पाण्डेय को माला, शाल एवं श्रीफल तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। तरू काष्ठशिल्प को अमेजन कारीगर प्लेटफार्म से जोड़ने की यह पहल शहडोल के ग्रामीण एवं जनजातीय शिल्पकारों की पारंपरिक कला को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला के बेहतर मूल्य और नए बाजार मिलने के साथ रोजगार एवं आजीविका के अवसरों में वृद्धि होगी तथा शहडोल की पारंपरिक काष्ठकला को नई पहचान मिलेगी।

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