ज्ञापन के बाद भी नहीं जागा स्वास्थ्य विभाग,आज भी डॉक्टर विहीन है अमझोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
Junaid Khan - शहडोल। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, शहडोल द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमझोर में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की मांग को लेकर संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के नागरिकों में भारी असंतोष एवं निराशा का माहौल है। संगठन ने बताया कि अमझोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से स्थायी चिकित्सक के बिना संचालित हो रहा है। इसका सीधा असर क्षेत्र के हजारों जनजातीय एवं ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गंभीर अथवा आपातकालीन स्थिति में मरीजों को शहडोल सहित अन्य दूरस्थ अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में अनावश्यक विलंब होता है तथा मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक बोझ पड़ता है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, शहडोल का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक एवं मानवीय अधिकार हैं। इसके बावजूद इतने बड़े ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी डॉक्टर विहीन होना शासन एवं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का संकट और अधिक गंभीर हो सकता है। संगठन ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमझोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। साथ ही आवश्यक चिकित्सा स्टाफ, दवाइयों एवं अन्य स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित, प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार प्राप्त हो सके। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, शहडोल के जिलाध्यक्ष श्री अनंत पांडेय ने कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन जनहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की होगी।
