एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब,प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन
Junaid Khan - शहडोल। उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए।
जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
