न्यायालय व प्रशासन के सख्त रुख से भू-माफियाओं में हड़कंप,24 घंटे में कब्जा छोड़ने का अल्टीमेटम
Junaid Khan - शहडोल। प्रदेश में सुशासन, कानून के राज और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में राज्य सरकार, माननीय उच्च न्यायालय और स्थानीय प्रशासन की इच्छाशक्ति का एक बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठी एक असहाय आदिवासी महिला को उसका हक दिलाने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी मुस्तैदी और कड़ाई से मैदान में उतर आया है। सोहागपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत लल्लू सिंह चौक से मुक्तिधाम रोड के बीच स्थित 5.67 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध रूप से काबिज 26 कब्जाधारियों को तहसीलदार सोहागपुर द्वारा बेदखली का कड़ा नोटिस जारी किया गया है। इस सख्त प्रशासनिक नोटिस ने अवैध कब्जाधारियों और धोखाधड़ी करने वालों की रातों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन की इस त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई से जहां आम जनता में सरकार और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और गहरा हुआ है, वहीं भू-माफियाओं और फर्जी रजिस्ट्री के बल पर जमीन हड़पने वालों के हौसले पस्त हो गए हैं।
हाईकोर्ट के निर्देशों का अक्षरांश,प्रशासनिक अमला मुस्तैद
यह पूरा मामला ग्राम सौखी की पीड़िता आवेदिका बेटी बाई कोल (पति स्व. छोटानी कोल) की उस याचिका से जुड़ा है, जो उन्होंने अपनी पुश्तैनी आदिवासी जमीन को गैर-कानूनी अंतरण और गलत रजिस्ट्री से बचाने के लिए दायर की थी। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा याचिका क्र. WP 13667/2026 में 24 अप्रैल को स्पष्ट निर्देश पारित किए गए थे कि दो माह के भीतर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई पूर्ण की जाए। उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक आदेश का सम्मान करते हुए उपमंडलीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय सोहागपुर द्वारा 22 सितंबर को खसरा नंबर 50, 51 व 53 के गैर-कानूनी अंतरण और फर्जी रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर दिया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि जमीन से अनाधिकृत कब्जा हटाकर वास्तविक मालकिन बेटी बाई कोल को उसका हक सौंपा जाए। शासन और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदिवासियों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अल्टीमेटम खत्म,शुक्रवार को भारी पुलिस व राजस्व बल की मौजूदगी में होगी बेदखली
प्रशासन ने अब मामले में कोई हीला-हवाली न करते हुए अंतिम चेतावनी और बेदखली का अंतिम निर्देश जारी कर दिया है। नोटिस के अनुसार गुरुवार शाम 5 बजे तक सभी 26 अनाधिकृत कब्जाधारियों को कब्जा खाली करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सोहागपुर तहसीलदार और प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि तय सीमा के भीतर स्वतः कब्जा नहीं हटाया गया, तो शुक्रवार सुबह 10 बजे से राजस्व विभाग, पुलिस बल और स्थानीय निकाय बल की संयुक्त टीम की मौजूदगी में बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। तहसीलदार द्वारा रामदास, हरिदास, सीताराम, उमा, राधा, माया पांडेय, शशि श्रीवास्तव, बृजवासी अग्रवाल, सुंदरसिंह दाहिया, प्रेमप्रकाश भटनागर, रत्ना, नितम, प्रीति सोम, सुरेशचंद्र अग्रवाल, रवींद्र जंदानी, अनवर खत्री, डॉ. सुभाष गुप्ता, अजीत सिंह, तजिंदर सिंह, बलदेव कुमार, रश्मि वारिटन, प्रीतम सिंह, प्रशांत कुमार, सुरेश चतुर्वेदी, सर्वेश्वर राय और अर्चना अग्रवाल को नोटिस थमा दिए गए हैं। न्याय की इस बड़ी जीत और प्रशासन के इस कड़े रुख की पूरे जिले में चौतरफा सराहना हो रही है।
