एफएमडी टीकाकरण,एआई और विकास कार्यों में सुस्ती पर उप संचालक पशु चिकित्सा व सीएमओ खांड को थमाया कारण बताओ नोटिस
Junaid Khan - शहडोल। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में बरती जा रही घोर लापरवाही को लेकर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। पशुपालन एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण तथा कृत्रिम गर्भाधान (एआई) अभियान में अपेक्षित प्रगति न होने पर कलेक्टर ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को सख्त लहजे में 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया है। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात साफ उजागर हुई कि निचले स्तर के अधिकारी सरकारी मंशा के विपरीत कागजी खानापूर्ति और सुस्त रवैये में मस्त हैं, जिससे योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता और पशुपालकों तक नहीं पहुँच पा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति अतिशीघ्र और गुणवत्ता के साथ की जाए, वर्ना अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आगे भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासनिक समीक्षा के दौरान नगर पंचायत खांड में जारी वित्तीय और प्रशासनिक सुस्ती पर भी सख्त चाबुक चला है। कार्यप्रणाली में सुधार न होने और जनहित के कार्यों में देरी के चलते कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) खांड की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना, बैगा बस्तियों में सड़क निर्माण, चलित उपचार एम्बुलेंस सेवा, बैगा हितग्राहियों को बिजली कनेक्शन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों, बहुउद्देशीय भवनों, छात्रावासों व संचार सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा में कलेक्टर पार्थ जायसवाल की यह सख्त और पारदर्शी प्रशासनिक पहल सामने आई, जिसने सुस्त पड़े अफसरों की नींद उड़ा दी है। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागाध्यक्षों को दो टूक हिदायत दी कि वे अपनी साप्ताहिक और मासिक प्रगति की ठोस कार्य योजना तैयार करें तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए समय-सीमा के भीतर काम पूरा करें। जिला प्रशासन के इस आक्रामक रुख से कामचोर और जनहित के मुद्दों पर लापरवाही बरतने वाले महकमों में हड़कंप मच गया है। इस समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति सहित जिला स्तर के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
