जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा की दो-टूक' एक हफ्ते में नहीं बनी सड़कें और नहीं दौड़ी स्कूल बस, तो दामिनी, खैरहा और राजेंन्द्रा खदानों के गेट पर होगा ऐतिहासिक ताला बंदी व धरना प्रदर्शन
Junaid khan - शहडोल। एसईसीएल (SECL) सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले कोलंचल क्षेत्रों में कोल प्रबंधन के द्वारा आम जनता की उपेक्षा अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। कोयले की कालिख से रोशन होने वाले उद्योगपतियों और प्रबंधन की तिजोरियां तो भर रही हैं, लेकिन इसके एवज में स्थानीय ग्रामीणों के हिस्से में सिर्फ हिचकोले खाती मौत के कुएं जैसी सड़कें और धूल-धुएं का नरक आया है। कोल प्रबंधन के इस संवेदनहीन रवैये के खिलाफ अब ग्रामीण मुखर होने लगे हैं। जिला पंचायत के ऊर्जावान जिला पंचायत निर्माण समिति अध्यक्ष एवं क्षेत्र क्रमांक-12 के जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने एसईसीएल प्रबंधन को खुली चुनौती देते हुए एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।
कोल खदानों के भारी वाहनों तले कुचल रही आम जनता की सांसें
ग्राम पंचायत सराईकापा से लेकर खैरहा तक जाने वाला बुढ़ार मुख्य मार्ग वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस मार्ग पर एसईसीएल की राजेंन्द्रा भूमिगत खदान, खैरहा भूमिगत खदान और दामिनी भूमिगत खदानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इन खदानों से रोजाना निकलने वाले हजारों ओवरलोडेड भारी टेलर और वाहन इस सिंगल सड़क को रौंद रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की इस सिंगल सड़क का आज तक चौड़ीकरण नहीं किया गया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि जुलाई माह में प्रबंधन द्वारा गड्ढों में महज औपचारिकता निभाते हुए जो सी.आर.एम. (CRM) डलवाया गया था, वह अगस्त आते-आते हवा हो गया। वर्तमान में इस मार्ग पर चलना यानी अपनी मौत को सीधे गले लगाना है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में मासूम ग्रामीणों की जान जा रही है, लेकिन प्रबंधन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
राजेंन्द्रा से अंगुला कॉलोनी मार्ग,हादसों का मुख्य केंद्र
सिर्फ मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि कोल प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली राजेंन्द्रा कॉलोनी से अंगुला कॉलोनी तक की करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क भी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। दर्जनों ग्रामीणों और कर्मचारियों के आवागमन वाले इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढे मौत बनकर मुंह बाए खड़े हैं, जहां निरंतर हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रबंधन गहरी नींद में सोया हुआ है।
मासूम बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से क्रूर मज़ाक
कोयलांचल में अपनी सेवाएं दे रहे कोल कर्मचारियों के बच्चे खैरहा में रहकर धनपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि कोल प्रबंधन की स्कूल बस केवल राजेंन्द्रा तिराहे तक ही आती है। इसके आगे खैरहा तक बस न आने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को राजेंन्द्रा तिराहे तक छोड़ने और लाने के लिए रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्या प्रबंधन के अधिकारियों के बच्चे ही बच्चे हैं, और आम कर्मचारियों व ग्रामीणों के बच्चों की सुरक्षा का कोई मूल्य नहीं है।
एक हफ्ते का अल्टीमेटम,आर-पार की लड़ाई का बिगुल
जिला पंचायत निर्माण समिति अध्यक्ष जगन्नाथ शर्मा ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य जमीन पर शुरू नहीं हुआ और खैरहा तक स्कूल बस चलाने की व्यवस्था नहीं की गई, तो जनता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने ऐलान किया है कि वे समस्त क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ सीधे दामिनी भूमिगत खदान, खैरहा भूमिगत खदान और राजेंन्द्रा भूमिगत खदान के मुख्य गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस उग्र आंदोलन और इसके परिणाम स्वरूप होने वाले किसी भी आर्थिक या प्रशासनिक नुकसान की संपूर्ण जिम्मेदारी अकेले कोल प्रबंधन की होगी।
